लखनऊ में कंप्यूटर सर्वर की हार्ड डिस्क क्रैश हो जाने से गाजियाबाद समेत प्रदेश के छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा ठप हो गई।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति, आय, निवास, चरित्र प्रमाण पत्र समेत 15 से ज्यादा सेवाएं ठप हो जाने से लंबा बैकलॉग बन गया है। प्रमाण पत्र न मिलने से हजारों लोगों को रोजाना परेशान होना पड़ रहा है।
गाजियाबाद-हापुड़, नोएडा, सीतापुर, गोरखपुर, रायबरेली और सुल्तानपुर में यह सेवा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई थी। इसके बाद सभी प्रमाण पत्र जारी किए जाने की प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है।
जनसुविधा केंद्र के जरिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद यहीं से प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। लेकिन दिवाली के बाद दफ्तर खुले तो लखनऊ में बने सर्वर की हार्ड डिस्क क्रैश हो गई।
इसके बाद से न तो प्रमाण पत्र के लिए लोग आवेदन कर पा रहे हैं और न ही पुराने आवेदकों को ये सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं। दिवाली से पहले आवेदन कर चुके लोगों के प्रमाण पत्र भी अटक गए हैं।
इसकी वजह से खासतौर से ऐसे लोगों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें नौकरी के आवेदन पत्रों के साथ प्रमाण पत्र नत्थी करने थे।
एक सप्ताह से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी न हुए तो लोगों ने नगर निगम के भी चक्कर लगाने शुरू कर दिए। शनिवार को मृत्यु प्रमाण पत्र के लेट होने की जानकारी करने नगर निगम पहुंचे अनिल कुमार ने बताया कि दिवाली से पहले ही प्रमाण पत्र मिलना था, लेकिन अब सर्वर डाउन होने की जानकारी दी जा रही है।
जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी प्रदीप कुमार गर्ग ने बताया कि सर्वर को ठीक करने की कवायद की जा रही है। उम्मीद है कि सोमवार से प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।