कोरोना वायरस के फैलाव का पता लगाने के लिए दिल्ली में शनिवार से सीरो सर्वे की शुरुआत हो गई। पहले दिन 32 से अधिक टीमों ने 600 लोगों के नमूने लिए। इस सर्वे से यह पता लगाया जा रहा है कि राजधानी में कोविड-19 का फैलाव किस हद तक है और कितने लोगों के शरीर में इस वायरस से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी है।
दिल्ली सरकार के मुताबिक, सर्वे के लिए सभी जिलों के डीएम ने अपने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में टीमें तैयार की हैं। पहले दिन 32 से अधिक टीमों ने 600 लोगों के ब्लड सैंपल (नमूनों) की जांच की। सूत्ररों का कहना है कि रविवार को इसमें और तेजी आएगी।
नमूनों की जांच के लिए एक विशेष किट का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे आधे घंटे में ही यह पता लग जाता है कि जिस व्यक्ति का नमूना लिया गया है, उसके अंदर कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडीज विकसित हुई है या नहीं।
इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि अगर कोई व्यक्ति संक्रमण की चपेट में आया है, लेकिन उसके अंदर कोई लक्षण नहीं हैं, तो ऐसे में उसके शरीर में 5-7 दिन के अंदर अपने आप एंटीबॉडीज बनना शुरू हो जाती हैं।
सर्वे में इन्हीं एंटीबॉडीज की जांच करके यह पता लगाया जा रहा है कि दिल्ली में कौन-कौन से ऐसे इलाके हैं और ऐसी कितनी आबादी है, जहां लोगों को कोरोना हुआ और वह अपने आप ठीक भी हो गए। इससे वायरस के प्रसार और उसकी क्षमता का पता लगाने में भी मदद मिलेगी।
10 जुलाई तक चलेगा
गृह मंत्रालय के निर्देश पर नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (एनसीडीसी) यह सर्वे करवा रहा है। 27 जून से 10 जुलाई तक सर्वे किया जाएगा। आरोग्य सेतु और इतिहास मोबाइल एप की सहायता लेते हुए टीमें सर्वे कर रही हैं।