वरिष्ठ साहित्यकार व स्तंभकार डॉ. महीप सिंह (85) का गुड़गांव के मेट्रो अस्पताल में मंगलवार को निधन हो गया। पुत्र संदीप सिंह ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने से दोपहर करीब एक बजे उनकी मौत हो गई।
सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें 16 नवंबर को भर्ती कराया गया था। अंत्येष्टि बुधवार को दिल्ली के पंजाबी बाग में होगी। महीप सिंह को 2009 में भारत-भारती सम्मान से नवाजा गया था।
परिवार पाकिस्तान के झेलम में रहता था। बाद में डॉ. महीप के पिता उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में रहने आ गए थे। यहीं 15 अगस्त 1930 को उनका जन्म हुआ। प्रारंभिक शिक्षा कानपुर में हुई थी।
कानपुर के डीएवी कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद इन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री हासिल की थी। उन्होंने दिल्ली के अलावा देश-विदेश में अध्यापन कार्य भी किया।