एक देश, एक रेट। इस मांग को लेकर उत्तर प्रदेश पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। कोर्ट में याचिका पर सुनवाई नवंबर में हो सकती है। पेट्रोल संचालक टैक्स की असमानता के खिलाफ कोर्ट गए हैं।
गाजियाबाद पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन के महामंत्री ब्रज मोहन सिंघल ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इतना फर्क है कि दिल्ली की तुलना में यूपी में पेट्रोल करीब 7 रुपये महंगा है। यही हाल डीजल का है।
पेट्रोलियम उत्पादों में यह फर्क टैक्स को लेकर है। यूपी में टैक्स दिल्ली की तुलना में काफी ज्यादा है। एसोसिएशन की डिमांड है कि जब देश के संविधान के मुताबिक सभी को एक समान अधिकार दिया गया है तो राज्यों के बीच टैक्स का इतना अंतर क्यों है।
इसी टैक्स के कारण पब्लिक को महंगाई का सामना करना पड़ता है। बाजार में कालाबाजारी होती है। माफिया टैक्स चोरी करते हैं।
एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स एक समान करने की मांग की है। तेल कंपनियां अतिरिक्त बोझ को सहे। इसे पब्लिक पर न डाला जाए। याचिका पर सुनवाई नवंबर में हो सकती है।