साइबर क्राइम विशेषज्ञ अनुज अग्रवाल के अनुसार बैंक की तरफ से जो सुरक्षा प्रश्न पूछे जाते हैं वह सभी उपभोक्ताओं के लिए एक जैसे होते हैं। बैंक उपभोक्ताओं की सुविधा के अनुसार ऐसे प्रश्न पूछते हैं, जिनका जवाब लोग आसानी से याद रख सकें। कुछ बैंक सुरक्षा प्रश्न रीसेट करने का भी विकल्प देते हैं। इसमें आप खुद अपना कोई सुरक्षा प्रश्न तैयार कर उसका वो जवाब लिख सकते हैं, जो न तो आपके सोशल मीडिया पर मौजूद हो और न ही जिसका जवाब किसी और को पता हो। सुरक्षा प्रश्न रीसेट करना ज्यादा कारगर विकल्प है।
सोशल मीडिया का जरूरत से ज्यादा प्रयोग खतरनाक
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार सोशल मीडिया का जरूरत से ज्यादा प्रयोग करना बड़ा खतरा साबित हो सकता है। आपको सोशल मीडिया पर केवल उतनी ही जानकारी डालनी चाहिए जिससे आपकी सुरक्षा को खतरा पैदा न हो। मसलन घर का पूरा पता न डालें, आप कहीं बाहर जा रहे हैं तो उसकी जानकारी न डालें, अपनी पूरी जन्म तिथि और मोबाइल नंबर आदि न डालें। इसके विपरीत बहुत से सोशल मीडिया यूजर अपना ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, आधार नंबर या पैन कार्ड नंबर तक अपलोड कर देते हैं। ऐसे लोग हैकर का आसान शिकार होते हैं।
बैंक खाते में रुपये जमा कराते ही 62 हजार रुपये निकलने का मामला सामने आया है। मोबाइल पर एसएमएस देख पीड़ित को खाते से रुपये निकलने का पता चला। मामले में उसने थाना सेक्टर-39 पुलिस से शिकायत की है। पुलिस साइबर सेल की मदद से मामले की जांच कर रही है।
छलेरा निवासी अविनाश चौहान का कासना में बिल्डिंग मैटेरियल का काम है। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह सूरजपुर निवासी व्यक्ति ने उनके नोएडा स्थित बैंक खाते में ऑनलाइन 62 हजार रुपये जमा किए थे। इसका उन्हें एसएमएस प्राप्त हो गया था। इसके बाद शनिवार सुबह उनके मोबाइल पर खाते में जमा रुपये निकलने का एसएमएस आ गया। उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क कर रुपये निकलने की जानकारी मांगी। बैंक से उन्हें बताया गया कि शनिवार सुबह फरीदाबाद के एक एटीएम से उनके खाते से 62 हजार रुपये निकाले गए हैं। इसके बाद अविनाश ने थाना सेक्टर-39 पुलिस से शिकायत की है।
डेबिट/क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में बरतें सावधानी
- अपने क्रेडिट, डेबिट या कैश कार्ड किसी अनजान व्यक्ति के हाथ में न दें।
- कार्ड अपने सामने ही स्वैप कराएं।
- कार्ड स्वैप कराने के बाद उसका पिन नंबर छिपाकर डालें, ताकि कोई उसे देख न सके और न ही वो सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो सके।
- अपने कार्ड का नंबर, सीवीवी नंबर, अंतिम तिथि और मोबाइल पर आने वाला ओटीपी किसी को न बताएं।
- बैंक अधिकारी भी आपसे खाते अथवा कार्ड की जानकारी नहीं मांगते हैं और न ही मोबाइल पर एसएमएस के जरिये आने वाला ओटीपी पूछते हैं।
- आधार कार्ड अपडेट कराने, कार्ड अपग्रेड करने अथवा कार्ड की वैधता बढ़ाने संबंधी फोन कॉल पर कोई जानकारी न दें।
- अपना आधार नंबर नेटबैकिंग से या बैंक को एसएमएस भेजकर या बैंक शाखा में जाकर अपडेट करा सकते हैं।
- अपने क्रेडिट कार्ड में अंतरराष्ट्रीय भुगतान का विकल्प बंद करा दें, ज्यादातर में ये स्वत: चालू रहती हैं।