गंगनहर में जहर मिलाकर मछली मारने वाले माफिया अमर उजाला के अभियान के बाद भूमिगत हो गए हैं। अभी तक माफियाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन पुलिस गश्त बढ़ा दी है।
जहर में पानी आने के साथ ही मछलियां भी आनी शुरू हो गई हैं, लेकिन अभी माफिया नहर तक पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा रहे हैं।
मेरठ के जानी थाने से लेकर मुरादनगर तक की पुलिस सतर्क हो गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस से संकेत मिलने के बाद माफिया भी नहर के पास तक नहीं आ रहे हैं।
जानी, मुरादनगर और निवाड़ी पुलिस दिन रात नहर की पटरी पर मछलियों की हत्या रोकने को गश्त कर रही है। पुलिस, प्रशासन, सिंचाई विभाग और कमिश्नर के स्तर से गंगनहर में जहर मिलाने की जांच शुरू कराई गई है।
इसकेलिए जांच कमेटियां गठित हैं, लेकिन कार्रवाई किसी पर नहीं हो पाई है। खुलेआम मछलियों को मारकर कारोबार करने वाले माफिया को अभी तक ऑन रिकार्ड चिन्हित तक नहीं किया गया है।