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दिल्ली: आईआईटी के हॉस्टलों में बुलेट कैमरे से निगरानी, 11 हॉस्टलों में 224 सीसीटीवी कैमरे होंगे अपग्रेड

Mon, 05 Oct 2026 08:56 AM IST
Vijay Singh Pundir ललित कौशिक, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संस्थान में लगाए जाने वाले कैमरे इन्फ्रारेड तकनीक वाले फिक्स्ड बुलेट और डोम कैमरे होंगे। जिससे कम रोशनी और रात के समय भी निगरानी की जा सकेगी। इसके अलावा एक पीटीजेड कैमरा भी सिस्टम में शामिल होगा।
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IIT Delhi - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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आईआईटी दिल्ली के हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। हॉस्टल परिसर का चप्पा-चप्पा सीसीटीवी कैमरों की जद में होगा। इसके लिए डोम और बुलेट कैमरे परिसर में लगाए जाएंगे। यह कैमरे कम रोशनी और रात के समय भी निगरानी का काम करेंगे। साथ ही सीसीटीवी कैमरों से जुड़ी खामियों को भी तत्काल दूर किया जाएगा।दरअसल, संस्थान ने अलग-अलग जगहों और हॉस्टलों में सीसीटीवी सिस्टम लगाने, जांचने और पुराने सीसीटीवी कैमरों व अन्य एक्सेसरीज को दूसरी जगह लगाने के संबंध में निविदा जारी की है। 

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इसके लिए 2.94 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट तय किया गया है। यह कदम आईआईटी दिल्ली ने 11 हॉस्टलों में 224 कैमरों की निगरानी प्रणाली को अपग्रेड करने के लिए उठाया है। साथ ही आईआईटी दिल्ली के पास पहले से मौजूद उपकरणों को भी नई व्यवस्था में इस्तेमाल किया जाएगा। 

संस्थान में लगाए जाने वाले कैमरे इन्फ्रारेड तकनीक वाले फिक्स्ड बुलेट और डोम कैमरे होंगे। जिससे कम रोशनी और रात के समय भी निगरानी की जा सकेगी। इसके अलावा एक पीटीजेड कैमरा भी सिस्टम में शामिल होगा। जिसे जरूरत के अनुसार अलग-अलग दिशाओं में घुमाकर निगरानी की जा सकती है। बुलेट कैमरे बाहरी हिस्सों और खुले क्षेत्रों की निगरानी के लिए तथा डोम कैमरे अंदरूनी हिस्सों में लगाए जाने वाले हैं। इसके अलावा वीडियो मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर से वेब के जरिए कैमरों की लाइव निगरानी और रिकॉर्डिंग की सुविधा भी मिलेगी। 
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खराबी पर तय समय में होगी कार्रवाई
कैमरों की निगरानी व्यवस्था को 24 घंटे चालू रखने के लिए एजेंसी को 24×7 तकनीकी सहायता देनी होगी। शिकायत मिलने के 30 मिनट में उसकी पुष्टि, एक घंटे में तकनीकी प्रतिक्रिया और अधिकतम 12 घंटे में साइट विजिट का प्रावधान है।

गंभीर खराबी में दो घंटे के भीतर प्रतिक्रिया और जरूरत पड़ने पर 48 घंटे में अस्थायी व्यवस्था करनी होगी। वहीं आईआईटी दिल्ली के नालंदा हॉस्टल में नया सिक्योरिटी केबिन और स्टेनलेस स्टील गेट लगाने की भी तैयारी है। 

हाई स्पीड कैमरे की भी होगी खरीद 
इसके अलावा आईआईटी दिल्ली ने बीएसआई सीएमओएस हाई-स्पीड कैमरा खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस संबंध में भी संस्थान ने निविदा जारी की गई। यह हाई-स्पीड कैमरा एक अत्यधिक उन्नत इमेजिंग उपकरण है जो तेज गति वाली घटनाओं को बेहद कम रोशनी में भी स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें एक मोनोक्रोम सेंसर लगा होगा। कैमरा 256×256 रिजॉल्यूशन पर कम से कम 1,23,000 फ्रेम प्रति सेकंड(एफपीएस) और 512×512 रिजॉल्यूशन पर कम से कम 30,000 एफपीएस की गति से रिकॉर्डिंग करने में सक्षम होगा। 
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किस हॉस्टल में लगेंगे कितने कैमरे 
विंध्याचल-17
जांस्कर-20
कुमाऊं-20
ज्वालामुखी-13
शिवालिक-18
सतपुड़ा-19
उदयगिरि-25
गिरनार-25 
हिमाद्रि-29
कैलाश-एक एवं दो-21
काराकोरम हॉस्टल-17

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