तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ दिल्ली के सांसद, विधायक व मेयर मंगलवार सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे।
अरविंद केजरीवाल ने भाजपा प्रतिनिधिमंडल का स्वागत भी किया। साथ ही उन्होंने कहा कि सीलिंग के मसले पर सिलसिलेवार ढंग से दोनों तरफ से चर्चा कर ली जाए। इसके बाद सहमति का प्रस्ताव तैयार कर उपराज्यपाल के पास चलने की बात कही।
बैठक कक्ष में मीडिया को भी इजाजत दे रखी थी। मुख्यमंत्री की बात पूरी होने पर मनोज तिवारी ने बोलना शुरू ही किया था कि कमरे में शोर होने लगा।
विवाद निपटाने की चर्चा के शुरुआती दौर में ही दोनों पक्षों के बीच बात बिगड़ गई और बहस शुरू हो गई। इसके बाद भाजपा नेता मारपीट और बदसलूकी का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री आवास से निकल गए।
बाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भाजपा के दोस्तों से बार-बार गुजारिश की कि वह बैठकर चर्चा कर लें। इससे तुरंत सीलिंग का समाधान निकल जाएगा। लेकिन उन्होंने चर्चा की जगह बाहर जाने का रास्ता तलाश लिया।
दूसरी तरफ पार्टी ने तंज कसा कि सीलिंग जैसे बेहद अहम मसले पर चर्चा के लिए सिर्फ चार सांसद, तीन विधायक व दो मेयर मुख्यमंत्री आवास पहुंच सके। इससे साबित होता है कि भाजपा इस मसले पर कितना गंभीर है।
पार्टी का कहना है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी में बैठक कक्ष में भाषण दिया। सांसद रमेश बिधूड़ी ने शोर मचाया और भाजपा नेता चर्चा छोड़कर भाग गये।