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बड़ी राहत: स्कूल टाइम सुबह सात से दोपहर 12 बजे तक, केंद्र सरकार ने भेजी राज्यों को नई गाइडलाइन, पढ़ें अहम बातें

Wed, 11 May 2022 09:44 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार ने अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। स्कूल टाइम सुबह सात से दोपहर 12 बजे तक कर दिया है। बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए स्पोर्ट्स और आउटडोर एक्टिविटी न करवाने, कम करने या फिर सुबह करवाने की सिफारिश की गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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देशभर में बढ़ती गर्मी को देखते हुए केंद्र सरकार ने अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। स्कूल टाइम सुबह सात से दोपहर 12 बजे तक कर दिया है। बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए स्पोर्ट्स और आउटडोर एक्टिविटी न करवाने, कम करने या फिर सुबह करवाने की सिफारिश की गई है। बस और वैन में सीटों से अधिक छात्रों को नहीं बैठाया जा सकेगा। वहीं, बसों के अंदर पीने के लिए स्वच्छ पानी मुहैया करवाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट के माध्यम से भेजने की बजाय स्वयं लेकर आएं।

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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बुधवार देर शाम राज्यों, आवासीय स्कूलों और सभी शिक्षा बोर्ड को नई गाइडलाइन जारी की है। छात्रों को स्पोर्ट्स, आउटडोर एक्टिविटी के लिए सीधे धूप में खड़ा नहीं कर सकेंगे। प्रार्थना सभा बंद क्लासरूम में होगी। इस गाइडलाइन में स्कूली बच्चों के परिवहन, खाने से लेकर उनको हाइड्रेशन से बचाने का भी ध्यान रखा गया है। स्कूली बस और बैन छाया में खड़ी करनी होंगी। जो छात्र साइकिल या पैदल आते हैं, उनके सिर हमेशा टोपी या कपड़े से कवर होने चाहिए। गाइडलाइन परीक्षा केंद्रों पर भी लागू होगी। 

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बच्चे वाटर बोतल, छाता, कैप लेकर चलें
अभिभावक बच्चों को वाटर बोतल में ठंडा पानी, छाता से लेकर कैप लगाकर भेजें। यह स्कूल की जिम्मेदारी होगी कि वे यह जांचें सभी बच्चे अपनी वाटर बोतल में पानी लेकर आ रहे हैं। शिक्षकों की भी जिम्मेदारी होगी कि वे छात्रों को क्लासरूम से लेकर बाहर थोड़ी-थोड़ी देर में अपनी बोतल से पानी पीने के लिए प्रेरित करते रहें। इसके अलावा स्कूल कैंपस में भी पीने के स्वच्छ ठंडे पानी की उपलब्धता बढ़ानी होगी। इसके अलावा शिक्षकों और स्कूल प्रशासन को छात्रों को गर्मी से डि-हाइड्रेशन के बारे में जागरूक करना होगा। ऐसे समय में शौचालयों में साफ-सफाई पर भी ध्यान देना होगा। 

 

पीएम पोषण आहार से लेकर टिफिन के खाने पर ध्यान दें
गर्मी में खाना जल्दी खराब हो जाता है। इसीलिए स्कूलों में परोसा जाने वाले पीएम पोषण आहार की नियमित जांच करनी जरूरी है। यह गर्म और साफ हो। बच्चें को परोसने से पहले शिक्षक और प्रिंसिपल उस खाने को खुद खाकर जांचेंगे। इसके अलावा अभिभावकों को भी निर्देश दिया गया है कि वे टिफिन में ऐसा खाना पैक करके न दें, जो जल्दी खराब हो जाता है। इसके अलावा अभिभावक ध्यान दें कि उनका बच्चा कभी भी खाली पेट घर से न निकले।

 

क्लासरूम हवादार और पंखें लगे होने जरूरी
क्लासरूम हवादार, खुले और उसमें पंखे लगे होने जरूरी हैं। स्कूलों को गर्मी में बिजली किल्लत को देखते हुए पावर बैकअप का इंतजाम करके रखना अनिवार्य होगा। खिड़कियों से सीधी धूप क्लासरूम में बच्चों पर न आए, इसके लिए परदे या कागज आदि से उसे कवर करके रखना होगा। 

 

यूनिफॉर्म ढीली पहनकर आने की मंजूरी 
कोई भी स्कूल बच्चों को टाइट यूनिफॉर्म पहनकर आने के लिए नहीं बोलेगा। छात्र इस समय हल्के रंग और ढीले कपड़े पहनकर आ सकते हैं। गर्मी को देखते हुए छात्रों को यूनिफॉर्म के नियमों में ढील दी जा सकती है। चमड़े के जूते की बजाय छात्र हल्के जूते पहन सकते हैं। हालांकि शर्ट पूरी बाजू की हो तो बेहतर है। 
 
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हीट-स्ट्रोक से बचाने के लिए ओआरएस रखें 
बच्चों को हीट-स्ट्रोक से बचाने के लिए स्कूल, टीचिंग, नॉन टीचिंग स्टॉफ को ट्रेनिंग देनी होगी। इसमें ऐसी स्थिति में सबसे पहले बच्चे को ओआरएस का घोल देना जरूरी होगा। यदि ओआरएस का घोल नहीं है तो वे चीनी व नमक पानी में मिक्स करके दे सकते हैं। आसपास के अस्पतालों के नंबर, डॉक्टर व नर्स के नंबर सामने लिखे होने चाहिए।  
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