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'सर मारिए मत, एग्जाम देने दें मेरे पापा फीस दे देंगे'

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सरकार बाल विकास के तमाम दावे करती है लेकिन बृहस्पतिवार को एक स्कूल में फीस जमा न करने पर छात्रा को परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया।
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बच्ची ने स्कूल प्रबंधन से ये भी कहा कि 'सर मारें नहीं, एग्जाम देने दें फीस पापा देंगे।' इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन नहीं पसीजा और बच्ची को घर भेज दिया।

परिजन ने कंट्रोल रूम में फोन कर इसकी सूचना दी तो मौके पर पुलिस पहुंच गई। उन्होंने कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत मांगी। हालांकि अभी तक राजीव शर्मा ने पुलिस को कोई शिकायत नहीं की है। इस मामले में स्कूल प्रबंधन ने बात करने से मना कर दिया।
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परीक्षा नहीं देने दी और हाथ ऊपर कर खड़ा भी कराया

शहीद नगर निवासी एक व्यक्ति की बेटी रुचि (4) नर्सरी और बेटा बबलू (6) (दोनों के नाम काल्पनिक) फर्स्ट क्लास में पढ़ते हैं। दोनों का बृहस्पतिवार को ड्राइंग का पेपर था। स्कूल प्रबंधन ने बबलू को पेपर देने दिया, लेकिन रुचि को परीक्षा देने से मना कर दिया।

पिता का कहना है कि 10 मार्च को फीस जमा करने की तारीख होती है। किन्हीं कारणों के चलते वह फीस जमा नहीं कर पाए। बुधवार को स्कूल ने फीस जमा करने के लिए सर्कुलर भेजा था। जिसमें फीस जमा नहीं करने पर एग्जाम नहीं देने की चेतावनी दी थी।

उन्होंने स्कूल में मैसेज भेजकर शुक्रवार को फीस जमा करने की बात कही थी। मगर स्कूल प्रबंधन ने उनकी बेटी को परीक्षा नहीं देने दी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब बेटे ने परीक्षा दे दी तो उसे स्कूल में हाथ ऊपर करके खड़ा रहने की सजा दी।

इसकी जानकारी उन्हें मिली तो वह स्कूल की इंचार्ज से मिलने पहुंचे। उन्होंने उनसे ठीक तरह से बात नहीं की। उनका कहना है कि स्कूल का कोई हक नहीं है कि वह बच्चे को परीक्षा देने से रोके। इसकी शिकायत वह शिक्षा विभाग में करेंगे।
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