सीबीएसई ने स्कूलों को इसके लिए पंजीकरण करने को कहा
पानी, स्वच्छता, पर्यावरण और मिशन लाइफ के आधार पर होगा स्कूलों का आकलन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूलों को स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचवीआर) में भागीदारी करने को कहा है। स्कूल इस रेटिंग में हिस्सा लेने के लिए 30 सितंबर तक पंजीकरण कर सकते हैं। रेटिंग के लिए स्कूलों का आकलन पानी, स्वच्छता, पर्यावरण और मिशन लाइफ के आधार पर होगा। विद्यालयों से निर्धारित समय सीमा में स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग पोर्टल या मोबाइल एप पर पंजीकरण कराने और स्व-आकलन की प्रक्रिया पूरी करने का अनुरोध किया है।
मालूम हो कि स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने स्कूलों में स्वच्छता, स्वास्थय, पर्यावरण सरंक्षण और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग कार्यक्रम शुरू किया है। सीबीएसई ने इस संबंध में स्कूलों को एक परिपत्र जारी कर कहा है कि स्कूलों का मूल्यांकन छ: क्षेत्रों में किया जाएगा। इनमें पानी, शौचालय, साबुन से हाथ धोना, रख रखाव एवं संचालन, व्यवहार परिवर्तन एवं क्षमता निर्माण तथा मिशन लाइफ जैसी गतिविधियां शामिल हैं। स्कूलों को कहा गया है कि वे स्वच्छता, सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरण के प्रति दायित्व पूर्ण पद्धतियों को बढ़ावा देने में छात्रों, शिक्षकों, और स्कूल समुदाय की सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित करें।
साथ ही, कार्यक्रम की गतिविधियों के संचालन और आवश्यक दस्तावेज व साक्ष्य तैयार रखने के लिए विद्यालयों को जिम्मेदार कर्मचारियों को नामित करने को कहा गया है। कार्यक्रम के तहत छात्र, शिक्षकों और विद्यालय समुदाय की सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया गया है। इस संबंध में जानकारी, दिशा-निर्देश और समय सीमा की जानकारी स्वच्छ हरित विद्यालय रेटिंग पोर्टल पर उपलब्ध है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि एसएचवीआर में विद्यालयों के पंजीकरण, स्व-आकलन और मूल्यांकन की प्रक्रिया पिछले सत्र 2025-26 की व्यवस्था के अनुसार ही रखी गई है।