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टीचर्स डेः स्कूलों में ‘जुगाड़’ से सुना गया मोदी का भाषण

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श्री कृष्ण जन्माष्टमी की छुट्टी के कारण 5 सितंबर को होने वाला शिक्षक दिवस समारोह इस बार एक दिन पहले मनाया जाएगा। इस बार शिक्षक दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 10 से 11:45 बजे तक स्कूली बच्चों को संबोधित करेंगे।
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एजुसेट और डीटीएच के जरिये बच्चों को भाषण सुनाने के लिए स्कूलों से कहा गया है, लेकिन जिले में आधे से अधिक एजुसेट खराब पड़े हैं। एक तिहाई स्कूलों में पावर बैकअप का इंतजाम नहीं है।

वहीं बिजली नहीं होने की सूरत में डीटीएच नहीं चलेगा। जिले के आधे से अधिक स्कूलों में इसे लेकर महज औपचारिकताएं निभाई जाएंगी। अब टीवी और रेडियो मंगाकर काम चलाया जाएगा।
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ऐसा है हाल राजकीय प्राथमिक स्कूल का

एजुसेट के रूम में छात्राओं की कक्षाएं लगी हैं। एजुसेट पूरी तरह से बंद है। बैट्री खराब है। एजुसेट पर प्रसारण नहीं हो रहा है।

बृहस्पतिवार तक कोई मरम्मत नहीं कराई गई थी और न ही छात्रों को मोदी का भाषण सुनाने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किया गया।

छात्राओं की मानें तो कई महीने से यहां एजुसेट पर कुछ नहीं दिखाया गया है। प्रिंसिपल की अनुपस्थिति में शिक्षकों को भी नहीं मालूम कि मोदी 4 सितंबर को बच्चों से रूबरू होंगे या 5 सितंबर को।

यहां सोलर पैनल की मदद से सुना जाएगा भाषण

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, जैकबपुरा
यहां एजुसेट और डीटीएच दोनों लगे हैं, लेकिन एजुसेट खराब है। डीटीएच की दो बैट्री खराब होने के चलते इसे मोदी का भाषण सुनाने के लिए स्कूल में लगे सोलर पैनल से जोड़ दिया गया है। स्कूल में अलग से एक टीवी का इंतजाम किया गया है।

राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, सिविल लाइन
स्कूल में एजुसेट खराब है। एजुसेट कमरे में एक प्रोजेक्टर लगाया गया है, लेकिन इसके लिए भी कोई स्क्रीन नहीं है। स्कूल में डीटीएच भी नहीं है। बैट्री खराब हो चुकी है। स्कूल ने टीवी का इंतजाम किया है। साथ ही छात्रों को रेडियो सेट लाने को कहा गया है। हालांकि करीब 3000 छात्रों के लिए एक टीवी सेट नाकाफी होगा। वहीं कंप्यूटर लैब में हाईस्पीड इंटरनेट न होने से लाइव वेबकास्ट में भी दिक्कत होगी।
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यह है जमीनी हकीकत

जिले  में 385 प्राइमरी स्कूल और 61 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में एजुसेट लगे हैं। इसके अलावा 27 स्कूलों में एसआईटी (सैटेलाइट इंटरएक्टिंग टर्मिनल) लगे हैं। इनमें से आधे खराब हैं।

243 प्राइमरी स्कूलों में डीटीएच दुरुस्त है। वहीं 80 स्कूलों में डीटीएच की बैट्री खराब है। 62 प्राइमरी स्कूलों में यह पूरी तरह ठप पड़ा है। 53 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में डीटीएच है, लेकिन करीब 40 फीसदी स्कूलों के एजुसेट के यूपीएस नहीं होने के कारण वे बंद पड़े हैं।

-25 स्कूलों में एजुसेट का एंटीना ही चोरी हो चुका है। बता दें कि साल 2008 में सरकारी स्कूलों में एजुसेट लगाए गए थे।
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