करोड़ों रुपये की देनदारी के चलते भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड (सेबी) की जांच में फंसे सहारा समूह की प्रापर्टी की तलाश गाजियाबाद समेत यूपी के 25 जिलों में शुरू हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत सहारा ग्रुप कंपनीज द्वारा स्थानांतरित परिसंपत्तियों का विवरण प्रदेश सरकार सेबी को उपलब्ध कराएगी।
शासन ने सहारा ग्रुप द्वारा एक अप्रैल 2008 से 31 दिसंबर 2013 तक के बीच पांच करोड़ या उससे ज्यादा की वैल्यू वाली खरीदी गईं, बेची गई और हस्तांतरित की गई संपत्तियों का ब्यौरा मांगा है।
इन जिलों में हो रही है तलाश
यूपी शासन के संयुक्त सचिव मुनींद्र कुमार सिंह ने इस बाबत गाजियाबाद के अलावा अलीगढ़, आजमगढ़, बदायूं, बहराइच, बरेली, बस्ती, बिजनौर, फैजाबाद, फिरोजाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हरदोई, झांसी, कानपुर, लखीमपुर, ललितपुर, लखनऊ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, प्रतापगढ़, सहारनपुर, शाहजहांपुर, सीतापुर और वाराणसी के डीएम को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है।
संयुक्त सचिव ने सभी डीएम को आदेश दिया है कि 10 जून तक मांगी गई जानकारी शासन को भेज दी जाए। इसके साथ ही संपत्ति के ब्यौरे का प्रारूप भी भेजा गया है।
इसमें क्रेता-विक्रेता, तारीख, विक्रय धनराशि के अलावा संपत्ति का विवरण मांगा गया है। डीएम एसवीएस रंगाराव ने एडीएम फाइनेंस जमीर आलम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है।