देश में खुले वृद्धआश्रम बेटों की वजह से फल फूल रहे हैं। घर आंगन में बेटियों की किलकारी गूंजेगी तो बुढ़ापे में बेसहारा होने की नौबत नहीं आएगी।
इन शब्दों के साथ एनएच-5 स्थित धार्मिक रामलीला में सीता स्वयंवर के दौरान बृहस्पतिवार को दर्शकों से बेटी बचाने और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ आवाज बुलंद करने की अपील की गई।
मंच से बेटियों को बचाने के लिए हर उम्र का आह्वान किया गया। इस दौरान क्रिस्टल रथ पर सवार हो पहुंची माता सीता के रूप ने लोगों का मनमोहा।
रामलीला में मर्यादा पुरूषोत्तम राम की गाथा, अच्छाई की बुराई पर विजय के साथ ही इसे नैतिक जिम्मेदारियों का बोध कराने का मंच बनाया गया। निर्देशक हरीश चंद्र आजाद ने बताया कि लोग धार्मिक आस्था के कारण रामलीला में जुड़ते हैं। भीड़ आती है।
ऐसे में इसे लोगों को जागरूक करने के लिए इस्तेमाल किया गया। मंच से लोगों को मतदान के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम के आखिर में क्रिस्टल रथ पर सवार होकर मंच पर पहुंची माता सीता के साथ ही गोल घूमते स्टेज ने लोगों को आकर्षित किया।