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कौन मिटाना चाहता है पीपल वाली गली का नामोनिशां?

Fri, 26 Sep 2014 06:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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घरों पर लिखे मकान नंबर से ज्यादा पटेल नगर इलाके में मशहूर पीपल वाली गली का अब नामोनिशां नहीं बचेगा। करीब 60 साल पुराने पेड़ को हटाने की तैयारी की जा रही है, लेकिन पेड़ हटाने को लेकर इलाके में विवाद गहरा गया है।
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एक पक्ष हटाने के पक्ष में है तो दूसरा इसकी खिलाफत कर रहा है। पटेल नगर सुधार मंडल ने पेड़ को ट्रांसप्लांट से रोकने के लिए वन विभाग, पुलिस आयुक्त और नगर निगम आयुक्त से गुहार लगाई है।

पेड़ ट्रांसप्लांट करने और उसकी टहनियां काटने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला वन विभाग अधिकारी राजेश आर्य के मुताबिक नगर निगम ने पुराने पेड़ का ट्रांसप्लांट कराने की अनुमति ली है, लेकिन नगर निगम ट्रांसप्लांट की बात से बेखबर है।
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नगर निगम के बागवानी विभाग के एसडीओ अजय निराला और इलाके के जेई गुलशन यादव कहते हैं शुक्रवार को पेड़ न ही काटे गए और न ही अभी ट्रांसप्लांट किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीपल के पेड़ के सामने प्लॉट के मालिक ट्रांसप्लांट के नाम पर पेड़ की कटाई करवाना चाहता है और अपना काम शुरू करना चाहता है। पटेल नगर सुधार मंडल के प्रधान दीपचंद का दावा है कि करीब 60 साल पुराना पेड़ है।

इसके प्रति स्थानीय लोगों की आस्था है। पूजा की जाती है। इलाके के अशोक यादव बताते है कि पीपल का पेड़ यहां की पहचान बन गई है। अगर पेड़ कट जाएगा तो धीरे-धीरे पीपल की पेड़ वाली के नाम मशहूर गली खत्म हो जाएगा। इलाके में लैंड मार्क के रूप में जाना जाता है।
  
राजेश आर्य, जिला वन अधिकारी ने बताया कि पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी गई है। दूसरी जगह ट्रांसप्लांट करने के आदेश दिया गया है। पेड़ कहां और कैसे लगाएंगे? इसकी जिम्मेवारी नगर निगम की है।
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अजय निराला, एसडीओ, बागवानी, नगर निगम: ट्रांसप्लांट कराने के बारे में कोई कदम नहीं उठाया गया है। अभी केवल अनुमति ली गई है।
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