सुनवाई के दौरान ईडी ने कथित तौर पर मीडिया को वीडियो लीक करने के लिए एजेंसी के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की मांग करने वाली जैन की याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि कथित वीडियो की प्रतियां बचाव पक्ष, जेल कर्मियों समेत कुछ ही लोगों के पास थीं। ईडी से एक भी वीडियो लीक नहीं हुआ है।
वहीं, जेल फुटेज लीक होने के मालमे में जैन के वकील राहुल मेहरा ने अदालत से कहा कि उनके मुवक्किल को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार दिया जाए। यहां तक कि अजमल कसाव को भी निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार दिया गया था, मैं उससे बुरा नहीं हूं। उन्होंने कहा कि अदालत आने से पहले ही फुटेज लीक हो गया और मीडिया ट्रायल चलने लगा, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए।
मेहरा ने यह भी कहा कि फुटेज लीक जेल अधिकारियों ने किया है। उसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए। वहीं ईडी के वकील जोहेब हसैन ने जवाब दिया कि ईडी की तरफ से कोई फुटेज लीक नहीं हुआ। वह यह सुनिश्चित करेंगे कि जो भी दोषी होगा उसे कटघरे में लाया जाए।