सीमा सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वह समाज में होने वाले अन्याय के खिलाफ लड़ने वाली महिला हैं। वह अपनी बेटी जैसी तमाम बेटियों को इंसाफ दिलाने के लिए अधिवक्ता बनी हैं। इसमें लोग उम्र के पड़ाव की बात करते हैं, तो वह उनका जज्बा देखकर शांत हो जाते हैं। सीमा सिंह ने बताया कि वह किसी डरने वाली नहीं हैं। उन्हें कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।
यह था मामला
गौरतलब है कि नौतनवा सीट से विधायक अमनमणि त्रिपाठी नौ जुलाई 2015 को अपनी पत्नी सारा सिंह के साथ कार से दिल्ली जा रहे थे। रास्ते में फिरोजाबाद हाईवे पर उसकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में सारा सिंह की मौत हो गई थी, लेकिन अमन को खरोंच तक नहीं आई थी।
सारा की मां सीमा सिंह ने दुर्घटना को साजिश बताकर अमन पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साथ ही केस की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की थी। इसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच की थी। फिलहाल केस गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट में विचाराधीन है, जिसकी हर तारीख पर वह लगातार आ रही हैं।