विभिन्न संगठनों को मिलाकर गठित संयुक्त संघर्ष समिति ने नोएडा प्राधिकरण को चेतावनी दी है कि वह किसी भी कीमत पर यहां का पैसा बाहर न जाने दें, क्योंकि पहला हक यहां के लोगों का है।
इसके लिए शुक्रवार को प्रतिनिधिमंडल प्राधिकरण चेयरमैन से मिलेगा और आगामी बोर्ड बैठक का विरोध भी किया जाएगा। संगठन के संयोजक पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर ने अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी गई।
बृहस्पतिवार को नोएडा के विभिन्न संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों की बैठक हुई। यहां फैसला लिया गया कि प्रदेश सरकार की केबिनेट ने फैसला किया कि नोएडा प्राधिकरण से पैसा लेकर दूसरे जगह पर विकास कराया जाएगा, जो एकदम गलत फैसला है।
नोएडा क्षेत्र के किसानों की जमीन ली गई और प्राधिकरण ने उसे ऊंची कीमत पर बेच दिया। जो पैसा मिला है, उस पर यहां के लोगों का ही अधिकार है।
साथ ही आरोप लगाया कि प्रदेश में जब से सपा सरकार बनी है, तब से यहां के लोगों के साथ भेदभाव किया गया और यहां का पैसा लेकर प्राधिकरण को कंगाल करने की साजिश रची जा रही है।
फोनरवा के अध्यक्ष एनपी सिंह ने कहा कि वह चुप बैठने वाले नहीं है। इसके लिए पीआईएल दायर की जाएगी। मांग की जाएगी कि किसी भी कीमत पर यहां का पैसा किसी दूसरे स्थान पर ट्रांसफर न किया जाए।
फोनरसा के अध्यक्ष मुन्ना कुमार शर्मा ने कहा कि नोएडा के लिए जो भी जरूरी होगा, सभी एक मंच पर आकर संघर्ष करेंगे। इस मौके पर एनईए से साकेत शर्मा, पंजाबी एसोसिएशन से दीपक बिग समेत अन्य संगठनों ने भी साथ देने का वादा किया।