संत रविदास मंदिर मामले को लेकर गुरुवार को विधानसभा में बहस होती रही। इस दौरान सभी ने अपनी अपनी तरफ से तथ्य-तर्क दिए। मंदिर बनवाने पर सहमति के बावजूद सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच इस मसले पर तीखी बहस हुई। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मंदिर बनाने को लेकर दो विकल्प सुझाए।
जोरदार हंगामे के बीच तीन-तीन बार सदन की कार्यवाही स्थगित की गई। इसके बाद आप विधायक विशेष रवि ने तुगलकाबाद में रविदास मंदिर तोड़े जाने की निंदा की और दोबारा मंदिर बनवाने का एक प्रस्ताव भी सदन में पेश किया। मंत्री राजेंद्र पाल गौतम समेत दिल्ली की आरक्षित विधानसभा क्षेत्रों के सभी विधायकों ने चर्चा में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने विधायक विशेष रवि की तरफ से पेश प्रस्ताव से सहमति जाहिर की। बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने प्रस्ताव पर वोटिंग कराई और विपक्ष की गैर मौजूदगी में सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव पास कर दिया।
विधायक विशेष रवि द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव के इन बिंदुओं को मिली मंजूरी-
- तुगलकाबाद स्थित संत रविदास मंदिर के तोड़े जाने से आहत लाखों भारतीय की भावना में सदन सहभागी है।
- यह जगह तानाशाह सिकंदर लोदी की तरफ से संत रविदास को दान में दी गई थी। अजा समेत अन्य समाज के लोग इनकी पूजा करते हैं।
- मंदिर को तोड़े जाने से न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि अजा समुदाय के संघर्ष का इतिहास भी इससे क्षत-विक्षत हुआ है।
- सदन संकल्प करता है कि केंद्र सरकार ने न्यायालय में इस मामले का समर्थन न कर इस मामले का गलत तरीके से निपटारा किया। इससे मंदिर का अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण विध्वंस हुआ।
- सदन लाखों लोगों की भावनाओं को केंद्र सरकार तक पहुंचाने का भी संकल्प करता है। साथ ही मांग करता है कि केंद्र इस पर तुरंत अध्यादेश लाकर यह भूमि सत रविदास मंदिर के लिए आवंटित करे।
- सदन यह भी संकल्प करता है कि केंद्र सरकार से जमीन आवंटन के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार इस जगह पर भव्य मंदिर बनाए।