कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम और हिंदू महासभा के अध्यक्ष चक्रपाणि महाराज ने प्रेसवार्ता कर प्रदेश सरकार से मांग की है कि कैराना पर पलायन के मामले में तैयार की गई उनकी रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।
साथ ही 13 पेज की इस रिपोर्ट पर उचित कार्रवाई भी की जाए। चक्रपाणि ने कहा कि रिपोर्ट राष्ट्रहित में है। समाजवादी पार्टी से इसका कोई संबंध नहीं है, यह प्रदेश सरकार का प्रतिनिधिमंडल था, न कि किसी पार्टी विशेष का। रिपोर्ट में कोई मुस्लिम तुष्टीकरण नहीं किया गया, जो कैराना की वास्तविक स्थिति है, उसे ही लिखा गया है।
उन्होंने बताया कि कैराना से बीते 17 वर्षों के दौरान हिंदू और मुस्लिम दोनों ही परिवारों के लोगों ने पलायन किया है। मुस्लिमों के 119 परिवारों ने भी पलायन किया है।
लोगों ने रंगदारी, गुंडागर्दी और बदमाशी से परेशान होकर रोजगार और बच्चों की शिक्षा के लिए कैराना से पलायन किया है। रिपोर्ट में कुछ नेताओं के भी नाम हैं, जिनके नाम सामने आने पर नकाब उतर जाएंगे।
सभी पार्टियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को सौंपी रिपोर्ट
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया कि सभी पार्टियों के प्रतिनिधिमंडल कैराना गए और अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी, लेकिन सभी रिपोर्ट में फैक्ट अलग-अलग थे, जिस पर मुख्यमंत्री की ओर से उन्हें बुलावा आया।
उन्होंने कहा कि हिंदुओं के पलायन की बात हो रही है, ऐसे में संतों का दल जांच कर सही रिपोर्ट पेश करे। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट राष्ट्र के हित में है। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने बताया कि इस मामले में प्रदेश सरकार को रिमाइंडर भेजा जाएगा और फिर भी कार्रवाई नहीं होती है तो संत आगे की रणनीति तैयार करेंगे।
प्रमोद कृष्णम पर हमले से पहले मुझे मारना होगा: चक्रपाणि
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कैराना मामले की संतों की रिपोर्ट पर सवाल उठा रहे कुछ हिंदू संगठनों ने प्रमोद कृष्णम के राजेंद्र नगर स्थित निवास पर हंगामा किया था और उन्हें जान से मारने की धमकी थी।
इस पर चक्रपाणि महाराज ने कहा कि प्रमोद कृष्णम से पहले उन्हें मारना होगा। गुंडों के आगे संत झुकेंगे नहीं। उन्होंने एक भाजपा सांसद के बयान की निंदा करते हुए कहा कि किसी दल विशेष से जुड़े नहीं होने का मतलब ये नहीं कि हम संत नहीं हैं।