कोरोना वायरस का बढ़ता असर हर जगह नजर आने लगा है। लोग इसके संक्रमण से बचने के हर संभव प्रयास कर रहे हैं। दिल्ली से सटे गाजीपुर की फूल मंडी में न्यूजीलैंड, बैंकाक और मालदीव आदि देशों से फूल आते हैं। कोरोना के कारण इन देशों से आ रहे फूलों को सैनेटाइज कंटेनर में लाया जा रहा है।
फूलों को बंदरगाह पर उतारने के बाद लैब में टेस्ट के लिए भी भेजा जाता है। टेस्ट में हरी झंडी मिलने के बाद ही फूलों को मंडी में लाया जाता है। गाजीपुर फूल मंडी के चेयरमैन विजय कुमार सिसोदिया ने बताया कि फूल मंडी में कई देशों से फूल आते हैं।
कोरोना के कारण अब चीन और कई अन्य देशों से फूलों का आयात नहीं किया जा रहा है। जिन देशों से फूलों का आयात हो रहा है, वहां से आने वाले फूलों को सैनेटाइज कंटेनर में लाया जा रहा है। फूलों के जरिये लोगों में संक्रमण न फैल जाए, इसलिए एहतियात के तौर पर सरकार ने यह कदम उठाया है।
फूलों की बिक्री न होने से रोजी-रोटी का संकट
गाजीपुर की फूल मंडी साल भर गुलजार रहती थी। पूरे दिल्ली-एनसीआर से लोग यहां फूल खरीदने आते थे, लेकिन पिछले एक सप्ताह से ये मंडी कोरोना वायरस के कारण सुनसान पड़ गई है। कोरोना के कारण कई मंदिरों को बंद कर दिया गया है, जिससे मंडी में फूलों की बिक्री 60 फीसदी तक गिर गई है।
बिक्री न होने से मंडी में काम करने वाले कई लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट आ गया है। गाजीपुर फूल मंडी के व्यापारियों ने बताया कि सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम पूरी तरह बंद हो गए हैं। इन्हीं कार्यक्रमों में फूलों की खपत होती थी। इस कारण फूलों की बिक्री नहीं हो रही है।
इससे फूलों की कीमतों में 60 फीसदी तक की गिरावट आ गई है। पहले जो फूल 20 रुपये में बेचे जाते थे, अब 7 से 10 रुपये में बेचे जा रहे हैं। मंडी के एक दुकानदार उदय शर्मा बताते हैं कि पिछले एक सप्ताह से यही हाल है। अगर कई दिनों तक ऐसा ही रहा तो उन्हें अपने कारीगरों को वेतन देने में परेशानी आएगी।