पार्टी की बुरी पराजय के बाद कांग्रेस प्रवक्ता संदीप दीक्षित ने यूपीए सरकार और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे को जेल भेजने का तत्कालीन केंद्र सरकार का फैसला गलत था। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि पिछले करीब तीन साल से केंद्र सरकार पर एक केबाद आरोप लग रहे थे।
सारे आरोप गलत थे, फिर भी न तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी और न ही किसी वरिष्ठ मंत्री ने सरकार का जोरदार बचाव किया। प्रधानमंत्री को अपना मौन तोड़ना चाहिए था।
दीक्षित ने माना कि बाबा रामदेव व अन्ना हजारे के आंदोलन से निपटने में केंद्र सरकार नाकाम रही। पता नहीं किस सोच से बाबा रामदेव को रामलीला मैदान से खदेड़ा गया और अन्ना हजारे को जेल डाला गया। कांग्रेस को इससे नुकसान हुआ।