साढ़े चार साल की सांची को कार में घूमने टीवी पर कार्टून और मूवी देखना बेहद पसंद था। कार में घूमने के दौरान जिद कर वह सनरूफ(छत) से गर्दन बाहर निकालकर देखती थी।
ऐसा करना उसे बहुत अच्छा लगता था। सांची का यही शौक उसके लिए जानलेवा साबित हुआ और वह हादसे का शिकार हो गई।
घटना के बाद से सांची की मां नेहा और पिता आलोक का रोते-रोते बुरा हाल है। सांची के परिजनों ने बताया कि दीपाली चौक स्थित दीपाली एन्क्लेव में आलोक अपने पिता और चाचा के साथ रहता है।