डीटीसी कॉन्ट्रैक्च्युअल एम्पलॉयी यूनियन के अध्यक्ष वाल्मिकी झा ने कहा कि मांगें पूरी करने के बजाय प्रशासन एस्मा लागू करके दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है जबकि वाजिब मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन करना कर्मचारियों का अधिकार है। इस तरह का फैसले हमारे अधिकार को छीनकर संविधान का उल्लंघन करने की कोशिश है।
उन्होंने कहा कि डीटीसी कर्मचारी अब तक शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की नींद तोड़ने के लिए कर्मचारी सोमवार को हड़ताल करेंगे। डीटीसी कॉन्ट्रैक्च्युअल इम्पलॉयी यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज शर्मा ने कहा कि जब तक सरकार बाकी की दो मांगों समान काम समान वेतन और डीटीसी में बसों की ठेकेदारी रोकने की मांग को पूरा नहीं करती, तब तक कर्मचारी अपनी प्रदर्शन करेंगे और सोमवार को हड़ताल करेंगे।
गौरतलब है कि शनिवार को डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर के बैनर तले हुई प्रेस वार्ता में आईटीयू दिल्ली, एआईटीयूसी दिल्ली, एआईयूटीयूसी, डूटा, जेएनयूएसयू, आंबेडकर यूनिवर्सिटी, जन संस्कृति मंच, संगवारी समेत अन्य संगठनों ने डीटीसी कर्मचारियों को अपना समर्थन देने की घोषणा की।
31 तक काटी गई राशि खाते में जमा करने की घोषणा
डीटीसी अस्थायी कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन के प्रभाव स्वरूप सातवें दिन दिल्ली सरकार ने वेतन कटौती के सर्कुलर को वापस ले लिया। अब तक वेतन में हुई कटौती की राशि को 31 अक्तूबर तक कर्मचारियों के खाते में जमा करने की घोषणा की।
डीटीसी कर्मचारियों के समर्थन में पहुंचे योगेंद्र यादव
डीटीसी कर्मचारियों के समर्थन में रविवार को स्वराज इंडिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी नेता कुर्सी पर बैठते ही झूठ बोलने लगते हैं। आप सरकार ने भी वही किया है, जो पहले की अन्य सरकारें करती थीं।