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Delhi NCR News: दिल्ली सरकार के बारह कॉलेजों में वेतन संकट, शिक्षक सड़कों पर उतरें

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डूटा ने डीयू कुलपति कार्यालय से दिल्ली विधानसभा तक किया मार्च
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बृहस्पतिवार को विरोध स्वरूप मुख्यमंत्री आवास के बाहर कैंडल लाइट मार्च किया जाएगा

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार से सौ फीसदी वित्त पोषित व दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध 12 कॉलेज लंबे समय से वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। कॉलेजों में वित्तीय संकट खत्म करने और वेतन की मांग के लिए एक बार फिर से शिक्षक कक्षाएं छोड़कर सड़कों पर उतरे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के नेतृत्व में शिक्षकों ने डीयू कुलपति कार्यालय से दिल्ली विधानसभा तक मार्च किया। इस मार्च में बड़ी संख्या में शामिल शिक्षकों ने दिल्ली सरकार से शिक्षक पदों के अनुमोदन की मांग करते हुए तत्काल उनपर भर्ती प्रक्रिया आरंभ करने, कॉलेजों को फंड जारी करने की मांग की।

इस दौरान शिक्षकों ने उपराज्यपाल को बारह कॉलेजों की समस्याओं के संबंध में ज्ञापन सौंपा। साथ ही उनसे हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए इस संकट के समाधान की अपील की। प्रदर्शन में शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के रूप में आतिशी द्वारा दिसंबर 2023 और जनवरी 2024 में जारी पत्रों को वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ पदाधिकारियों ने डूटा और प्रिंसिपल एसोसिएशन के प्रतिनिधित्व वाली हाई पावर कमेटी की सिफारिशों को सार्वजनिक किए जाने की मांग की। इस दौरान डूटा अध्यक्ष प्रो. अजय कुमार भागी ने कहा कि दिल्ली सरकार इन बारह कॉलेजों को स्ववित्त पोषित स्वायत्त डिग्री प्रदान करने वाले कॉलेजों में परिवर्तित करना चाहती है।
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डूटा उपाध्यक्ष सुधांशु कुमार ने कहा कि दिल्ली सरकार डीयू से इन कॉलेजों को असंबद्ध करने के बहाने ढूंढ रही है। दिल्ली सरकार इन कॉलेजों के लिए फंड की कटौती कर रही है। कॉलेजों के लिए शीघ्र पूर्ण ग्रांट जारी की जानी चाहिए। मालूम हो कि डूटा ने दिल्ली सरकार के विरोध में दो दिन विरोध करने की नीति तैयार की है। अब बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री आवास के बाहर शाम को कैंडल लाइट मार्च निकाला जाएगा।
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