अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
मई 2021 में पहलवान सागर धनखड़ की हत्या में आरोपी ओलंपियन सुशील कुमार की नियमित जमानत याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने सुशील कुमार की अर्जी खारिज करते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। सुशील कुमार ने जमानत की मांग करते हुए तर्क दिया था कि रोहिणी अदालत ने अभियोजन पक्ष के सभी अहम गवाहों से पूछताछ की है।
उन्होंने ट्रायल कोर्ट के 6 फरवरी के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें जमानत देने से इनकार किया था। सागर धनखड़ के पिता ने ट्रायल कोर्ट में सुशील कुमार की नियमित जमानत याचिका का विरोध किया था। इससे पहले हाईकोर्ट ने मार्च 2025 में सुशील कुमार को नियमित जमानत दी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 13 अगस्त 2025 को यह कहते हुए उनकी जमानत रद्द कर दी थी कि अहम गवाहों से पूछताछ अभी बाकी है। इसके बाद सुशील कुमार ने 20 अगस्त 2025 को आत्मसमर्पण कर दिया था। जमानत याचिका में सुशील कुमार ने तर्क दिया कि मामले में साक्ष्यों को प्रभावित करने या उनसे छेड़छाड़ करने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत ने परिस्थितियों में बदलाव या नए आधार सामने आने पर संबंधित कोर्ट में नई जमानत अर्जी दाखिल करने की छूट दी थी। याचिका में बताया गया कि अभियोजन पक्ष के 222 गवाह हैं, जिनमें से 42 अहम गवाहों (घायल व्यक्ति सहित) से पूछताछ हो चुकी है। आरोप है कि 4 और 5 मई 2021 की रात करीब 11:30 बजे छत्रसाल स्टेडियम के पार्किंग एरिया में सुशील कुमार और उनके साथियों ने सागर धनखड़ के साथ मारपीट की थी। इलाज के दौरान सागर धनखड़ की मौत हो गई थी।