फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sadhguru Health Update: ब्रेन सर्जरी के बाद सद्गुरु जग्गी वासुदेव की सेहत में सुधार, अस्पताल से हुए डिस्चार्ज

Wed, 27 Mar 2024 04:23 PM IST
Digvijay Singh एएनआई, दिल्ली

सार

अब सदगुरु की हालत सुधर रही है। वह अब ठीक हो रहे हैं। सेहत में सुधार को देखते हुए सद्गुरु जग्गी वासुदेव को नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। 
विज्ञापन
सद्गुरु जग्गी वासुदेव - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव की हाल ही में ब्रेन सर्जरी हुई है। मस्तिष्क में रक्तस्राव व सूजन के चलते सद्गुरु को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मस्तिष्क में जमे रक्त को बाहर निकालने के लिए 17 मार्च को सर्जरी की गई थी। अब सदगुरु की हालत सुधर रही है। वह अब ठीक हो रहे हैं। सेहत में सुधार को देखते हुए सद्गुरु जग्गी वासुदेव को नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। 

विज्ञापन

 

इससे पहले सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअर्स के साथ हेल्थ अपडेट शेयर किया था। उन्होंने अस्पताल के कमरे के अंदर से अपना एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया था जिसमें सद्गुरु ने लिखा था कि नई दिल्ली में सद्गुरु शीघ्र स्वस्थ होने की राह पर हैं। वीडियो में सद्गुरु अस्पताल के बिस्तर पर बैठे हुए अखबार पढ़ते दिखाई दे रहे थे।
 

इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने भी सद्गुरु से बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी और सद्गुरु ने पीएम का आभार जताया है।

सद्गुरु को सबड्यूरल हेमेटोमा की समस्या
अस्पताल की ओर से जारी बयान में न्यूरोलॉजिस्ट ने बताया था कि, दर्द की गंभीरता के बावजूद सद्गुरु ने अपना सामान्य दैनिक कार्यक्रम और सामाजिक गतिविधियां जारी रखीं। यहां तक कि आठ मार्च को महा शिवरात्रि समारोह भी आयोजित किया। 15 मार्च तक उनकी तबीतय बिगड़ती गई। डॉक्टर्स की टीम को सबड्यूरल हेमेटोमा का संदेह हुआ और तत्काल एमआरआई की सलाह दी गई। जांच में पता चला कि मस्तिष्क की सूजन बढ़ गई थी, बड़े पैमाने पर रक्तस्राव हुआ है।

 
विज्ञापन

सबड्यूरल हेमेटोमा और इसके कारण होने वाली समस्या
सबड्यूरल हेमेटोमा, खोपड़ी के नीचे मस्तिष्क की सतह पर खून के एकत्रित होने की समस्या है। इस प्रकार का रक्तस्राव आमतौर पर सिर पर चोट लगने के बाद होता है। कुछ स्थितियों में ये स्थिति अक्यूट या क्रोनिक भी हो सकती है। खोपड़ी और मस्तिष्क की सतह के बीच किसी नस के फट जाने के कारण ये दिक्कत हो सकती है। मस्तिष्क की सतह पर रक्त के थक्के बनने की स्थिति कई प्रकार की गंभीर समस्याओं का भी कारण बन सकती है। सबड्यूरल हेमेटोमास की समस्या जानलेवा मानी जाती है, जिसमें आपातकालीन चिकित्सा की जरूरत होती है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें