जाफराबाद थाने में तैनात कांस्टेबल धर्मपाल (26) की हत्या के मामले में पुलिस का कहना है कि हेलमेट पहने होने की वजह से हमलावरों की पहचान में दिक्कत आ रही है।
बदमाशों के हुलिये के आधार पर डोजियर खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कद काठी के आधार पर बदमाशों की पहचान की जा रही है।
रविवार को जीटीबी अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद सिपाही का शव परिजनों को सौंप दिया गया। वे शव लेकर पैतृक गांव इंद्रागढ़ी मोहल्ला (हापुड़) पहुंचे।
यहां करीब 2:45 बजे दिल्ली पुलिस की ओर से धर्मपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अंतिम विदाई के समय उत्तरी पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
अधिकारियों ने पीड़ित परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है। उम्मीद है कि हमला करने वाले लोगों का ताल्लुक जाफराबाद और भजनपुरा इलाके से हो सकता है।
इन दोनों थाना क्षेत्रों में सक्रिय बदमाशों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। जिला पुलिस उपायुक्त आरए संजीव का कहना है कि करीब 12 टीम मामले की जांच में जुटी हैं। धर्मपाल के मोबाइल कॉल डिटेल को खंगाला जा रहा है।
इलाके के कई बदमाशों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बदमाशों ने काफी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया है। वारदात में इन दो हमलावरों के अलावा और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
भाई को नौकरी देने की मांग
सिपाही धर्मपाल पर अपने परिवार की जिम्मेदारी थी। उसका एक भाई देवेंद्र अशक्त है, जबकि बड़ा र्भाई रविंद्र नोएडा के एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। मामा विजय सिंह ने बताया कि धर्मपाल की मौत से परिवार को गहरा आघात लगा है। परिजनों ने धर्मपाल के भाई को दिल्ली पुलिस में नौकरी देने की मांग की है। उनका कहना है कि अधिकारियों ने इस बात का आश्वासन दिया है।