28 सितंबर की रात को जब बिसाहड़ा गांव में इकलाख के परिवार पर हमला हुआ था तो आरोपियों ने इकलाख को घर से निकालकर गली में खींच लिया था।
उस वक्त भीड़ में मौजूद एक शख्स ने आवाज दी थी कि इकलाख भाग सको तो भाग जाओ, नहीं हो यह लोग मार डालेंगे। दरअसल, रात में भीड़ जब इकलाख के घर में घुसी तो ज्यादातर गांव के लोग सो रहे थे।
चीखने चिल्लाने की आवाज से पहले तो ऐसा लगा कि कहीं बदमाश गांव में घुस आए हैं और लूटपाट और मारपीट कर रहे हैं। लेकिन थोड़ी ही देर में पता चल गया कि गांव के कुछ लोगों ने इकलाख के घर पर हमला कर दिया है।