अनलॉक-4 में भी ई रिक्शा, ऑटो या टैक्सी में सफर सहित तमाम छोटे सार्वजनिक परिवहन विकल्पों पर पहले की तरह छूट जारी रखने का निर्णय गया है। कोरोना संक्रमण का प्रसार न बढ़े इसके लिए सरकार की ओर से जारी हिदायतों का छोटे वाहनों(सार्वजनिक)में सख्ती से पालन नहीं हो रहा है। इससे न केवल इनमें सफर करने वाले बल्कि मेट्रो-बसों में भी एहतियातों का पालन करने वालों की भी मुश्किलें बढ़ सकती है।
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(डीडीएमए) की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक ई रिक्शा, ऑटो, टैक्सी, फटफट सेवा, ग्रामीण सेवा या कैब में अधिकतम दो यात्री ही सफर कर सकते हैं। छोटे वाहनों में सामाजिक दूरी का आसानी से पालन हो, इस लिहाज से कम यात्रियों को सफर की इजाजत दी गई है। मैक्सी कैब में पांच जबकि आरटीवी में अधिकतम 11 यात्रियों को ही सफर करने की अनुमति है। गलियों, मार्केट के आसपास सहित ग्रामीण इलाकों में भी एहतियात नहीं बरते जा रहे हैं। ऑटो में तीन तो ई रिक्शा में पांच या इससे अधिक यात्रियों को ले जाया जा रहा है। अन्य छोटे वाहनों में भी नियमों की अनदेखी की जा रही है, जिससे संक्रमण कम करने की राह में चुनौतियां बरकरार है।
लापरवाही से बढ़ सकती है नियमों का पालन करने वालों की भी परेशानी
लास्ट माइल के लिए अधिकतर यात्री ऑटो, ई रिक्शा सहित दूसरे छोटे सार्वजनिक वाहनों का विकल् चुनते हैं। ऑटो में दो की बजाय दोपहर के वक्त तीन तो रात के वक्त चार यात्रियों को भी बिठा लिया जाता है। ई रिक्शा में भी चार से पांच यात्री बिठाए जा रहे हैं। अक्सर बस या मेट्रो में लंबी दूरी के सफर के लिए ई रिक्शा, ऑटो या टैक्सी अपनाए जाते हैं। इन वाहनों पर नियमों के पालन में लापरवाही का खामियाजा बसों, मेट्रो में नियमों का पालन करने वालों को भी भुगतना पड़ सकता है।