सेक्टर-24 स्थित ईएसआई अस्पताल में डेंगू से एक महिला की मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने डॉक्टर को पीटकर एक हाथ और पैर तोड़ डाला। नाराज डॉक्टर सुरक्षा और डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए। वहीं, इलाज न मिलने पर मरीजों और परिजनों ने अस्पताल का घेराव कर तोड़फोड़ कर दी।
अस्पताल के इमरजेंसी डॉक्टरों के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 12 बजे दादरी निवासी भोली देवी को परिजन अस्पताल लाए थे। उसे डेंगू हैम्रेजिक फीवर था।
रात करीब 9:30 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सीएमओ डॉ. पंकज वर्मा ने बताया कि रात उनके ड्यूटी ज्वाइन करने के आधे घंटे के भीतर महिला की मौत हो गई थी, लेकिन परिजनों ने उन्हें घेर लिया और महिला को जिंदा करने की बात कहने लगे।
मामला बिगड़ता देखकर वह पुलिस थाने की ओर भागे
मामला बिगड़ता देखकर वह पुलिस थाने की ओर भागे, लेकिन परिजनों ने उन्हें पकड़ लिया और पीटने लगे। इससे दाएं पैर और बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया।
इधर, डॉक्टर को पीटने की खबर मिलते ही बृहस्पतिवार को डॉक्टरों व कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। डेंगू, मलेरिया, बुखार, उल्टी और दस्त से बेहाल मरीजों के परिजनों ने डॉक्टरों से इलाज की विनती की, लेकिन डॉक्टर हड़ताल पर अड़े रहे।
इस पर परिजनों ने अस्पताल का घेराव करके जमकर पथराव किया। हंगामे के बीच सिक्योरिटी रूम की कांच की खिड़की टूट गई और सड़क पर जाम लग गया।
मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट प्रीती जयसवाल, सीओ सेकेंड डॉ. अनूप कुमार और पुलिस बल पहुंच गया, जिन्होंने परिजनों को शांत कराया। चिकित्सा निदेशक डॉ. नीलिमा ने बताया कि अस्पताल में पुलिस पिकेट की व्यवस्था और ईएसआई मुख्यालय से डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की मांग के आश्वासन के बाद डॉक्टर और कर्मचारी काम पर लौटे।
खिड़की से कूदकर भागे डॉक्टर
दोपहर में हड़ताल पर इमरजेंसी कमरे में बैठे डॉक्टरों को एक बार फिर परिजनों ने घेर लिया। इस पर डॉक्टरों को खिड़की से कूदकर भागना पड़ा। इसमें महिला डॉक्टर भी शामिल थीं।
अस्पताल के प्रशासनिक विभाग का घेराव किए परिजनों और मरीजों ने सुबह डॉक्टरों पर दुर्व्यवहार करने और मारपीट करने का आरोप लगाया, जिसे डॉक्टरों ने बेबुनियाद बताया है।
ईएसआई अस्पताल में डेंगू हैम्रेजिक फीवर से यह दूसरी मौत है। इससे पहले यहां इसी बीमारी से एक किशोर की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों ने मुताबिक, डेंगू हैम्रेजिक फीवर में मरीजों को रक्तस्त्राव होता है। ब्लडप्रेशर गिर जाता है। मरीज शॉक में चला जाता है, जिसे डेंगू शॉक सिंड्रोम भी कहते हैं।