नंद नगरी में पुलिस हिरासत में मौत के मामले में मजिस्ट्रेट ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट की माने तो युवक की मौत दम घुटने से हुई थी।
शाहदरा डीएम अभिषेक सिंह ने यह रिपोर्ट दिल्ली के मंडलायुक्त अंब्रासू को सौंप दी है, जिसमें प्राथमिक जांच के बाद स्थानीय थाना पुलिस को आरोपी मानते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
उधर, दिल्ली सरकार पहले ही इस मामले में एलजी से मिलकर दिल्ली पुलिस की शिकायत कर चुकी है। इस संबंध में एक वीडियो भी पेश किया है।
आरोप है कि उसकी मौत पुलिस की पिटाई से हुई है।
मालूम हो कि सोमवार रात नंद नगरी में पुलिस हिरासत में एक युवक शहनवाज उर्फ शामी की मौत हो गई थी। वह सुल्तानपुरी का घोषित बदमाश भी था।
आरोप है कि उसकी मौत पुलिस की पिटाई से हुई है। जबकि पुलिस का कहना है कि पीसीआर में ले जाते समय उसकी तबियत अचानक खराब हो गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
परिवार की शिकायत पर दिल्ली सरकार ने इसकी मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए थे। बृहस्पतिवार को सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट ने रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में उसकी मौत की वजह दम घुटना बताया गया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उसकी सीने पर कोई बैठा होगा जिसकी वजह से उसकी मौत हुई है।
शानू की मौत पर आप का दिल्ली पुलिस पर हमला
नंद नगरी इलाके में पुलिस हिरासत में युवक की मौत के मामले में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली पुलिस पर हमला बोला है। पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए आप नेताओं ने कहा कि दिल्ली पुलिस अपराध रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
पार्टी ने मांग की है कि इस मामले में त्वरित जांच होनी चाहिए। ऐसा न होने पर पार्टी राष्ट्रीय मानवाधिकार में मामला ले जाने के साथ अदालत भी जाएगी।
‘आप’ नेता आशुतोष ने कहा कि मामले का पूरा वीडियो सार्वजनिक हो गया है। इसमें हिरासत में जाते ही शाहनवाज कहता दिख रहा है कि पुलिस उसकी जान लेने वाली है। उसकी पत्नी रो-रोकर उसे छोड़ने की अपील कर रही है।
संगीन आरोप क्यों न हो, पुलिस उसकी जान नहीं ले सकती
बावजूद इसकेपुलिस को रहम नहीं आया। अब शहनवाज की मौत के बाद पुलिस अपने
बचाव में दावा कर ही है कि शहनवाज के ऊपर हत्या का केस दर्ज है।
आशुतोष
ने कहा कि किसी भी अपराधी के खिलाफ कितना भी संगीन आरोप क्यों न हो,
पुलिस उसकी जान नहीं ले सकती। जबकि पुलिस के आलाधिकारियों का भी इस मामले
में रवैया काफी लचर है।
दूसरी तरफ दिल्ली प्रदेश संयोजक दिलीप पांडे ने कहा
कि आतंकवादियों और जान लेने वाले हाथों में कोई फर्क नहीं है। फिलहाल
नागरिकों के जीने के अधिकार में संकट आ गया है।