कॉलेज प्रशासन के सामने हुई मारपीट
पीड़ित छात्रों का आरोप है कि जिस समय यह घटना घटी थी, ठीक उसी समय विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर और गार्डों के साथ-साथ अनेक पदाधिकारी मौजूद थे। लेकिन इसके बाद भी छात्रों को नहीं रोका गया। छात्रों के द्वारा दीपक तोड़ने का विरोध करने पर कुछ छात्रों की पिटाई भी की किए जाने का आरोप है।
पुलिस देर से आई
मामला बिगड़ते देख स्थानीय पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई। पुलिस ने कार्रवाई की और विवादित लोगों को घटनास्थल से दूर हटाया। लेकिन दिवाली कार्यक्रम में हुए इस गतिरोध से छात्रों में गहरी नाराजगी है। घटना को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पर चुप्पी साध ली है। घटना में कुछ छात्रों को चोट आई है।
एक छात्र ने अमर उजाला को बताया है कि जब इस घटना के संदर्भ में उन्होंने पुलिस से संपर्क किया तो उन्होंने सबसे पहले विश्वविद्यालय के स्तर पर इसको देखने के लिए कहा। बुधवार को पीड़ित छात्र यूनिवर्सिटी प्रशासन के लोगों से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे। इसके बाद आरोपी छात्रों के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। इस खबर पर अभी जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी या पुलिस की कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।
पूर्व छात्र ने कहा
जामिया विश्वविद्यालय के एक पूर्व छात्र सत्य प्रकाश मिश्रा ने अमर उजाला से कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह की घटना होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस गालिब परिसर में यह घटना घटी है, वह हिंदू-मुस्लिम एकता के मंच के तौर पर देखी जाती रही है, लेकिन बदलते माहौल में कुछ लोग जामिया से उसकी यह पहचान छीन लेना चाहते हैं। उन्होंने छात्रों से जामिया का गौरव याद करते हुए किसी अभद्र कार्रवाई में शामिल होने से बचने की अपील की है।
दक्षिण पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त रवि कुमार सिंह ने बताया कि दिवाली को लेकर आज जामिया यूनिवर्सिटी के अंदर छात्रों में ज्यादा झड़प हुई है। छात्रों को तितर बितर कर दिया गया था। कुछ छात्र अस्पताल भी गए थे उन्होंने बताया के मंगलवार देर रात तक पुलिस को ना तो कोई शिकायत मिली है और ना ही कोई एमएलसी मिली है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने शिकायत देने से मना कर दिया है। घटना के समय परिषद के अध्यक्ष भी वहां मौजूद थे।