साइबर सिटी में डेंगू की दस्तक के साथ ही स्वास्थ्य विभाग सचेत हो गया है। दिल्ली के तर्ज पर प्रदेश सरकार ने डेंगू टेस्ट के लिए कीमत तय कर दी है।
अब गुड़गांव के प्राइवेट लैब में 600 रुपये में डेंगू का एलाइजा टेस्ट होगा। वहीं स्वास्थ्य निदेशालय ने आदेश जारी कर डेंगू का खौफ दिखाकर टेस्ट के नाम लोगों की जेब ढीली करने वाली प्राइवेट लैबों पर शिकंजा कस दिया है। सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से जिले के सभी लैब संचालाकों को इस बाबत ई-मेल के जरिये पत्र भेजा गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सभी सिविल सर्जन को पत्र जारी कर कहा गया है कि दिल्ली के स्टैंडर्ड के अनुसार जांच की कीमत तय की गई है।
दरअसल, डेंगू के टेस्ट और प्लेटलेट्स के नाम पर मरीजों की अधिक जेब ढीली करनी पड़ती है। बीते वर्षों में इस टेस्ट को करने के लिए लैब द्वारा मनमाने दाम वसूलने के कई मामले सामने आए थे।
कई निजी लैब 800 से लेकर 1500 रुपये वसूलते हैं। इसे देखते हुए इस बार पहले ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से लैब संचालकों को पत्र भेज दिया गया है। इसमें उन्हें अपने परिसर में इसकी सूचना चस्पा करवाने को कहा गया है।
बता दें कि हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सिविल सर्जन को पत्र जारी कर कहा है कि निजी लैब को 600 रुपये में एलाइजा टेस्ट करने का निर्देश दिया जाए।
अगर कोई लैब टेस्ट की इससे अधिक वसूल करती है तो उसकी शिकायत विभाग की से की जा सकती है। ऐसे लैब के खिलाफ सिविल सर्जन को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार के निर्देशों के बाद अब प्राइवेट लैबों की मनमानी पर रोक लगेगी।
जारी निर्देश में कहा गया है कि अगर कोई बीपीएल कार्ड धारक को डेंगू हो हाता है और उसे प्लेटलेट्स चढ़वाने की जरूरत पड़ती है तो उसका खच सरकार उठाएगी।
फिलहाल ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स के दाम 11,500 रुपये तय किए गए हैं। प्लेटलेट्स चढ़वाने के बाद बीपीएल कार्ड धारक को बिल के साथ सिविल सर्जन कार्यालय में क्लेम करना होगा, जिसके बाद उसे यह राशि वापस मिल जाएगी।