मौसम विभाग की गंभीर लू की चेतावनी के बाद बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवाती तूफान रॉनू ने मौसम की चाल बदल दी है। दक्षिण पश्चिमी मानसून अपने अनुमानित समय से दो दिन पहले ही अंडमान व निकोबार पहुंच गया मगर इस तूफान की वजह से वह उसकी रफ्तार कमजोर पड़ जाएगी।
इसके चलते केरल में मानसून लेट हो जाएगा। बंगाल की खाड़ी में उठे तूफान की बदौलत कई दिनों से उत्तर पश्चिम भारत समेत बड़े मैदानी हिस्सों को गंभीर लू की चपेट में पहुंचाने वाली पश्चिमी हवा मुड़ गई और पूर्वी हवा नमी लेकर आ रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है रॉनू तूफान जब तक मजबूत है, तब तक मैदानी इलाकों में का चढ़ता पारा थोड़ा काबू में रहेगा। गंभीर लू के हालात नहीं बनेंगे। राजस्थान के बड़े हिस्से, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में कई जगह, दक्षिणी यूपी, महाराष्ट्र, विदर्भ में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर ही दर्ज किया गया। कई जगह लू भी चली।
लेकिन चक्रवाती तूफान ने पश्चिमी हवा का रुख बदल दिया और उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में पूर्वी हवा पहुंचने लगी। इससे एनसीआर की हवा में नमी की मात्रा बढ़ गई, जो अधिकतम 65 फीसदी तक पहुंच गई।
दिल्ली एनसीआर में बहने लगी नमी वाली हवा
गर्मी का कहर
- फोटो : amar ujala
इससे दिल्ली के पालम केन्द्र पर अधिकतम तापमान में 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।मौसम विभाग के निदेशक बीपी यादव ने कहा कि चक्रवाती तूफान की वजह से अधिकतम तापमान में गिरावट देखने को मिली है। जब तक ये तूफान मजबूत रहेगा, तापमान नीचे रहेगा। लेकिन हवा में नमी की मात्रा बढ़ने से पसीना अधिक निकल सकता है।
मौसम वैज्ञानिक आर विषेन कहते हैं कि चक्रवाती तूफान रॉनू की वजह से हवा का रुख बदल गया। पहले हवा पश्चिमी चल रही थी जो शुष्क थी। अब हवा पूर्वी चल रही है जो अपने साथ नमी ला रही है। ये हालात 24 मई तक रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने इससे पहले 23 मई तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में में लू की चेतावनी जारी की थी। चक्रवाती तूफान के प्रभाव से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा व एनसीआर के कुछ हिस्सों के तापमान में गिरावट आएगी। दिल्ली-एनसीआर में 23-24 मई को हल्की बारिश हो सकती है तो उसके बाद तापमान में गिरावट के संकेत हैं।