आरोपी के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उनके क्लाइंट को झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि युवक और शिकायतकर्ता की बेटी के बीच रिश्ता था और दोनों की शादी होने वाली थी, लेकिन पारिवारिक कारणों से यह संभव नहीं हुआ।
इसके बाद, शिकायतकर्ता की बेटी की सगाई कनाडा में रहने वाले युवक से हो गई और वह कनाडा चली गई। जिसके कारण युवक को मानसिक और न्यूरोडेवलपमेंटल समस्याएं शुरू हुईं। वकील ने यह भी दावा किया कि युवक का इलाज मेरठ के मिमहंस अस्पताल में हुआ था और उनकी मानसिक स्थिति की जानकारी शिकायतकर्ता को दी गई थी।
इसके बावजूद, फरवरी 2025 में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई राज्य की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक डॉ. राज रानी ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने बताया कि युवक ने शिकायतकर्ता को लगातार परेशान किया, धमकी दी, और उनके पति के कार्यालय में घुसकर मारपीट की।
पुलिस ने के खिलाफ नोटिस जारी किया था, लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुए और कथित तौर पर फरार रहे। शिकायतकर्ता ने पुलिस को व्हाट्सएप कॉल्स, ऑडियो रिकॉर्डिंग, और सीसीटीवी फुटेज जैसे सबूत भी सौंपे हैं।