कोरोना महामारी को लेकर बसों में मौजूदा सीट से आधे सवारियों को बिठाने के नियम को देखते हुए बदमाशों ने भी वारदात की रणनीति बदल दी है। अब बदमाश बसों के भीतर नहीं बल्कि चढ़ने के दौरान होने वाले भीड़ का फायदा उठाकर बाहर ही वारदात को अंजाम दे रहे हैं। कश्मीरी गेट इलाके में इसी तरह से वारदात को अंजाम देने के दौरान पीड़ितों ने तीन बदमाशों को दबोचकर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़ा गया एक बदमाश नाबालिग है।
मूलत: तारनतारन पंजाब का रहने वाला बलविंदर (28) द्वारका स्थित लार्सन एंड टुब्रो कंपनी में काम करता है। सोमवार शाम वह अपने दोस्त हरजिंदर के साथ कश्मीरी गेट से द्वारका जाने के लिए बस रूट संख्या 721 पर सवार हो रहा था। इसी दौरान एक नाबालिग पीछे से उसका बैग खींचने लगा जबकि एक युवक उसके जेब से फोन और आधार कार्ड निकाल लिया।
हरजिंदर ने बैग खींचने वाले नाबालिग को पकड़ा, जबकि बलजिंदर ने फोन निकालने वाले युवक को दबोच लिया। इसी बीच युवक अपने तीसरे साथी को बलजिंदर का फोन दे दिया, जिसे लेकर वह फरार हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया। गिरफ्तार युवक की पहचान उस्मानपुर निवासी पवन के रूप में हुई। जबकि 15 साल का नाबालिग जहांगीरपुरी का रहने वाला है। पुलिस उसके फरार सहयोगी की तलाश कर रही है।
इससे पहले रविवार को गुरुग्राम निवासी अंकित शर्मा (20) कश्मीरी गेट से करोलबाग जाने के लिए बस रूट संख्या 721 में सवार हो रहा था। इसी दौरान पीछे से एक युवक भी बस में चढ़ने लगा और अंकित के जेब से उसका मोबाइल निकाल लिया। एहसास होने पर अंकित युवक का हाथ पकड़ लिया और शोर मचा दिया। शोर सुनकर गश्त कर रहे सिपाही धर्मेंद्र ने बदमाश को दबोच लिया। बदमाश की पहचान मदनगिरी निवासी विक्रम (22) के रूप में हुई है। पुलिस उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।