- सेवानिवृत्त जजों की भूमिका पर उठाए सवाल, बोले, न्यायिक पद का निजी लाभ में उपयोग अस्वीकार्य
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अभय एस. ओका ने रोब्स कैन नॉट बी रेंटेड (रोब्स किराए पर नहीं दिए जा सकते) विषय पर व्याख्यान दिया। यह कार्यक्रम अधिवक्ता परिषद (सुप्रीम कोर्ट यूनिट) की ओर से आयोजित जस्टिस एस. पार्वती राव लेक्चर सीरीज के दूसरे सत्र में हुआ।
जस्टिस ओका ने न्यायपालिका की गरिमा और निष्पक्षता को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि न्यायाधीशों की 'रोब'(काला कोट, जो न्याय की गरिमा का प्रतीक है) किराए पर नहीं ली जा सकती। न्यायिक पद या सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की सेवाओं का उपयोग निजी लाभ, वित्तीय प्रलोभन या विवादास्पद मामलों में नहीं होना चाहिए। उन्होंने हालिया मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ रिटायर्ड जजों की ओर से फ्यूजिटिव्स (भागे हुए अपराधियों) के पक्ष में गवाही देना न्यायपालिका की साख को नुकसान पहुंचाता है। कार्यक्रम में कार्यक्रम में अधिवक्ता परिषद सुप्रीम कोर्ट यूनिट के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता विनय नावरे मुख्य अतिथि रहे। इस लेक्चर सीरीज का उद्देश्य कानूनी क्षेत्र में भारतीय मूल्यों को पुनर्जीवित करना और न्यायिक नैतिकता पर चर्चा को बढ़ावा देना है।