केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेल बजट में गाजियाबाद के लाखों लोगों की उम्मीदों को झटका दिया है। गाजियाबाद को बजट में नया कुछ भी नहीं मिला।
हां यह जरूर हुआ कि धोबीघाट आरओबी के लिए पहले से तय हो चुके फंडिंग पैटर्न पर बजट में मुहर लगी तो स्थानीय स्तर पर वाहवाही लूटने की होड़ लग गई।
गाजियाबाद सांसद वीके सिंह के प्रतिनिधि के तौर पर एसपी सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस करके इसे भाजपा की ओर से दी गई सौगात बता डाला। याद दिला दें कि यह पहले ही तय हो चुका था कि धोबीघाट आरओबी को रेलवे और जीडीए मिलकर बनाएंगे।
करीब 90 करोड़ के बजट को भी दोनों विभाग आधा-आधा वहन करेंगे। ऐसे में लोगों को होम प्लेटफार्म, कोच इंडीकेटर, कैफियत, मगध, स्वतंत्रता सेनानी जैसी कई एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज की जरूरत थी, इनमें से एक भी पूरी न होने से उन्हें निराशा हाथ लगी है।
होम प्लेटफार्म के लिए करना होगा इंतजार
सात साल से चली आ रही गाजियाबाद स्टेशन पर होम प्लेटफार्म बनाने की मांग इस बार भी पूरी नहीं हो पाई। गाजियाबाद स्टेशन को मॉडर्न स्टेशन और होम प्लेटफार्म बनाने के लिए रेल मंत्री ने बजट में कोई प्रावधान नहीं किया। प्ल्टेफार्म न मिलने से दैनिक यात्री संघ में भी निराशा है।
16 ट्रेनों के स्टॉपेज नहीं मिले
दिल्ली से आजमगढ़ जाने वाली कैफियत और बिहार जाने वाली मगध एक्सप्रेस के गाजियाबाद स्टेशन पर स्टॉपेज नहीं मिले। पुरुषोत्तम एक्सप्रेस और दरभंगा स्वतंत्रता सेनानी ट्रेनें भी दिल्ली से पुरी और दरभंगा जाते समय गाजियाबाद में रोके जाने की मांग भी पूरी नहीं हुई।
नया गाजियाबाद स्टेशन पर उज्जैनी, उत्कल, जालंधर एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और दिल्ली-अंबाला इंटरसिटी के स्टॉपेज दिए जाने की दैनिक यात्री संघ की मांग पूरी नहीं हुई।
साहिबाबाद स्टेशन पर मसूरी एक्सप्रेस, अंबाला इंटरसिटी और शालीमार एक्सप्रेस के स्टॉपेज दिए जाने की यात्रियों की मुराद भी इस बजट में पूरी नहीं हुई। ए श्रेणी के गाजियाबाद स्टेशन पर किसी भी राजधानी, दुरंतो ट्रेन के स्टॉपेज भी नहीं मिले।
माल भाड़ा बिगाड़ेगा घर का बजट
यात्री किराया न बढ़ाकर रेल मंत्री ने राहत दी, लेकिन माल भाड़े में बढ़ोत्तरी लोगों के मासिक बजट को प्रभावित करेगी। जानकारों का मानना है कि अनाज ढुलाई में 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी गेहूं, चावल, दालों और अन्य अनाजों की कीमतों पर असर डालेंगी।
अनाज और दालों की कीमतों में उछाल आ सकता है। हालांकि सीमेंट और लोहे की ढुलाई भाड़े में बढ़ोत्तरी कम है, लेकिन थोड़ा ही सही कीमतों में इजाफा हो सकता है। इसका असर घर बनाने से लेकर किचन तक पड़ेगा।
अनाज-दालों की कीमतें बढ़ीं तो किचन का मासिक बजट बिगड़ जाएगा। माल भाड़े में की गई बढ़ोत्तरी लागू होने के बाद से इसका असर बाजार पर नजर आने लगेगा।
साहिबाबाद स्टेशन की संवर सकती है सूरत
बी श्रेणी में शामिल और 10 लाख आबादी का सहारा साहिबाबाद स्टेशन की तकदीर संवरने की उम्मीद जगी है।
रेल मंत्री ने बड़े शहरों के सेटेलाइट स्टेशनों को अपग्रेड कर आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की घोषणा की है, ताकि मुख्य स्टेशन पर भीड़ को कम किया जा सके। ऐसे में दैनिक यहां रिजर्वेशन काउंटर और ट्रेनों के स्टॉपेज की संख्या बढ़ सकती है।
ट्रेन में मिलेगी बुजुर्गों को लोअवर बर्थ
इस बार सरकार ने बुजुर्गों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है कि सभी बुजुर्गों को लोअर सीट आरक्षित की जाएगी। इसके साथ ही आईआरसीटीसी की वेबसाइट से ही अक्षम और बीमार लोग व्हीलचेयर भी बुक करा सकेंगे।
वैशाली निवासी डीपी गौड़ ने कहा कि ट्रेनों में सफर मुश्किल होता है। ऊपर बर्थ पर नहीं चढ़ा जाता है। अब निचली ही बर्थ मिलेगी तो सफर अच्छा रहेगा।