रोहिणी में मंगलवार देर रात दिल दहला देने वाले एक सड़क हादसे में बुजुर्ग मां और बेटे-बहू की मौत हो गई। रेत से भरा एक डंपर यू-टर्न लेने के दौरान ऑडी कार पर पलट गया। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार डंपर के नीचे दबने से पूरी तरह पिचक गई। हादसे में रीटा सिंघल (65), बेटे सुमित सिंघल (29) और बहू रुचि सिंघल (27) की मौत हो गई, जबकि सुमित के ढाई साल के बेटे विहान की जान बच गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, कैट्स एंबुलेंस और दमकल विभाग के अलावा आपदा प्रबंधन को मौके पर बुलाया गया। हादसे के बाद डंपर चालक फरार हो गया था। केएन काटजू मार्ग थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी चालक को सोनीपत के गन्नौर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान 48 वर्षीय हरपाल के रूप में हुई। आरोपी गन्नौर का ही निवासी है।
पुलिस के मुताबिक, सुमित परिवार के साथ ए-8/19-20, सेक्टर-15 (रोहिणी) में रहता था। सुमित की नरेला में दाल की मिल है। मंगलवार शाम को सुमित के पड़ोसी राकेश गोयल की बेटी की गुरुग्राम में शादी थी। सुमित, पत्नी रुचि, मां रीटा व बेटे विहान के साथ शादी में शामिल होने ऑडी कार से गुरुग्राम गया था। वहां से देर रात करीब 12.45 बजे घर लौट रहा था। कार सुमित चला रहा था।
रोहिणी के सेक्टर-15 स्थित ईएसआई अस्पताल के नजदीक सुमित को घर जाने के लिए मेन रोड से वापस यू-टर्न लेना था। सुमित की कार के साथ-साथ रेत से भरा डंपर चल रहा था। अचानक से डंपर चालक ने तेज गति से यू-टर्न ले लिया, लेकिन अनियंत्रित होकर डंपर कार पर पलट गया।
अचानक हुए हादसे में कार पूरी तरह पिचक गई। तेज आवाज होने पर राहगीर मदद को भागे। राहगीरों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। बचाव दल ने शुरुआत में छोटी क्रेन से डंपर को हटाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता न मिलने पर बड़ी क्रेन को बुलाया गया। करीब 2 बजे विहान को कार से किसी तरह बाहर निकाला गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना था कि विहान कार की अगली व पिछली सीट के नीचे फंसा था, जिसकी वजह से वह बच गया। आपदा प्रबंधन और दमकल विभाग की टीम ने किसी तरह गैस कटर की मदद से कार की छत काटकर सुमित, रीटा और रुचि के शवों को बाहर निकाला। शवों को आंबेडकर अस्पताल भेजा गया। रात 3 बजे तक बचाव कार्य चला।