बदलती जीवनशैली, तनाव, जंक फूड, मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी प्रमुख वजह
नई दिल्ली। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और फैटी लिवर जैसी बीमारियां अब केवल 45–50 वर्ष की उम्र तक सीमित नहीं रह गई हैं। राजधानी के अस्पतालों में 25–35 वर्ष के युवाओं में भी इन बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, तनाव, जंक फूड, मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसकी प्रमुख वजह हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना, देर रात तक जागना, फास्ट फूड और मीठे पेय का अधिक सेवन, धूम्रपान और शराब जैसी आदतें युवाओं को कम उम्र में ही गैर-संचारी बीमारियों की ओर धकेल रही हैं। कई मामलों में शुरुआती दौर में बीमारी के लक्षण स्पष्ट नहीं होते, जिससे समय पर इलाज शुरू नहीं हो पाता और आगे चलकर हृदय, किडनी और लिवर से जुड़ी गंभीर जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है।
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खानपान और रोजाना व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। संवाद