दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए गोपनीय दस्तावेज मुहैया करवाने वाले कई अन्य लोगों को गिरफ्तार कर सकती है।
पकड़े गए जासूस ने खुलासा किया है कि भारतीय सेना और बीएसएफ के इंटेलिजेंस विंग में मौजूद कई लोगों के संपर्क में थे और वह उनसे गुप्त सूचनाएं ले रहा था।
इसी आधार पर पुलिस ने बीएसएफ के एक हवलदार को भी गिरफ्तार किया है।
भारतीय सेना व बीएसएफ के इंटेलिजेंस विंग के संपर्क में था
पुलिस के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक जासूसी के आरोप में गिरफ्तार गांव कलई जिला राजौरी जम्मू-कश्मीर निवासी कैफेतुल्लाह ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले दो साल से भारतीय सेना व बीएसएफ के इंटेलिजेंस विंग के संपर्क में था।
उसने बताया कि वह वर्ष 2013 में पाकिस्तान गया था। जहां उसकी मुलाकात आईएसआई एजेंट से हुई थी। एजेंट ने उसे भारतीय सेना और बीएसएफ से संबंधित गुप्त सूचनाएं देने पर आर्थिक मदद करने की बात कही।
भारत आने के बाद उसने भारतीय सेना और बीएसएफ में अपनी सक्रियता बढ़ाई। बीएसएफ के इंटेलिजेंस विंग में हवलदार के पद पर तैनात अपने रिश्तेदार अब्दुल रशीद के जरिये वह अन्य लोगों के संपर्क में आया।
गोपनीय दस्तावेजों को लेकर आईएसआई एजेंट को मुहैया करवाए।
उसने अपने रिश्तेदार व अन्य लोगों को रुपये का लालच देकर उनसे भारतीय सेना और बीएसएफ से संबंधित कई गोपनीय दस्तावेजों को लेकर आईएसआई एजेंट को मुहैया करवाए।
कैफेतुल्लाह ने बताया कि पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के अधिकारियों ने उसे विशेष तौर पर सिक्योरिटी फोर्स व एयरफोर्स ऑपरेशन की विकास से संबंधित जानकारी मुहैया करवाने की जिम्मेदारी दी थी।
आगे जांच में जो भी मामले सामने आएंगे उनको गिरफ्तार किया जाएगा।