दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विकसित दिल्ली बजट 2025 को लेकर दिल्ली के किसानों के साथ एक बैठक की। दिल्ली सचिवालय में आयोजित बैठक में उनकी अपेक्षाओं और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। संवाद सत्र का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को समझना, उनके सुझावों को बजट में शामिल करने के साथ दिल्ली में कृषि को बढ़ावा देना और दिल्ली देहात में विकास कार्य में तेजी लाना है। किसानों ने तालाब के सौंदर्यीकरण, गांवों के ग्राम सभा के जमीन का उपयोग, बिजली के कनेक्शन, लालडोरा को बढ़ाना, आधुनिक सिंचाई पद्धतियों, केंद्र की योजनाओं का लाभ आदि विषय प्रमुखता से उठाया।
संवाद बैठक के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि विकसित दिल्ली बजट का प्रारूप तैयार करने में किसानों के अपेक्षाओं और सुझावों को शामिल किया जाएगा। वे न केवल अन्नदाता हैं, बल्कि शहर के पर्यावरण को हरित और स्थिर बनाए रखने में भी अहम योगदान निभाते हैं। सरकार की यह कोशिश रहेगी कि संवाद के दौरान उठाए गए मुद्दों पर आवश्यक कदम उठाए जाए। किसानों की अपेक्षाओं और जरूरतों को समझकर कार्य करें। उनकी भूमिका अन्नदाता से कहीं अधिक है। सरकार किसानों के साथ मिलकर बुनियादी सुविधा से जुड़े कामों को जल्द पूरा करेगी साथ ही उनकी आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में अब दोषारोपण करने वाली सरकार नहीं है। बल्कि काम करने वाली सरकार है। दिखावे के लिए जनता से संवाद नहीं करती है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि गांवों के बुनियादी सुविधा से संबंधित कार्य शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली से संबंधित कामों को जल्द सरकार पूरा करेगी। उन्होंने आगे कहा की कि अब सरकार किसानों के लिए हमेशा उपलब्ध रहेगी और सारी समस्याओं का हल होगा।
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