पहली अप्रैल से स्टांप ड्यूटी सात फीसदी होने की संभावना के कारण रजिस्ट्री कराने वालों की भीड़ अचानक से इतनी बढ़ गई है, कि दफ्तर में खड़े होने की भी जगह नहीं बचती। कतार में लगने पर एक दिन बाद नंबर आ रहा। रविवार को रात 11 बजे तक दफ्तर खुला, रजिस्ट्री भी हुईं, फिर भी 250 से अधिक दस्तावेज बच गए, जिनकी रजिस्ट्री सोमवार को हुई।
ऐसा ही नजारा सोमवार को भी दिखा। तमाम बुजुर्ग और छोटे बच्चे को गोद में लिए महिलाएं दफ्तर के बाहर अपने नंबर का इंतजार करते दिखे। प्रथम और द्वितीय तल पर स्थित दफ्तर की सीढ़ियों से आना-जाना मुश्किल हो गया है। वाहनों की पार्किंग फुल रहती है, जिससे सेक्टर-33 के सामने से लेकर इस्कॉन तक वाहनों की कतार लगी दिखी। बार-बार ट्रैफिक जाम का भी नजारा दिखा। निजी गार्ड ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में लगे रहे, मगर ज्यादातर लोग उनकी अनदेखी कर रहे थे।
केंद्र व राज्य सरकार में वरिष्ठ पदों पर तैनात अफसर भी इसी भीड़ में रजिस्ट्री कराने पहुंच रहे हैं। उनको भी कतार में लगकर अपने नंबर का इंतजार करना पड़ रहा। रजिस्ट्री जल्द कराने की सिफारिश भी काम नहीं आ रही। वीआईपी की रजिस्ट्री बिना नंबर से होने पर कतार में खड़े लोग हंगामा करते भी दिख रहे थे। बिल्डर प्रतिनिधियों के खिसकने की भी शिकायत रजिस्ट्री अफसरों तक दिन भर पहुंचनी पड़ी। भीड़ को देखते हुए एआईजी एसके सिंह व डीआईजी स्टांप अरविंद सिंह चंदेल भी दिन भर दफ्तर में डटे रहे। रजिस्ट्री विभाग ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की है।
बढ़ सकती है स्टांप की तिथि
स्टांप ड्यूटी 5 से 7 फीसदी लागू होने की तिथि बढ़ सकती है। अब तक 1 अप्रैल बताई जा रही है, मगर सोमवार को भी अधिसूचना जारी न होने से विभागीय अधिकारी भी यह तिथि खिसकने का अनुमान लगा रहे हैं। साथ ही मौजूदा भीड़ को देखते हुए स्थानीय अधिकारियों ने दो सप्ताह से एक माह तक का वक्त मांगा है।
रजिस्ट्री विभाग में प्रदर्शन आज
स्टांप ड्यूटी 7 फीसदी करने के फैसले के खिलाफ जनहित मोर्चा आज (मंगलवार को) रजिस्ट्री विभाग के सेक्टर-33 स्थित दफ्तर पर प्रदर्शन करने जा रहा है। शहर के कई संगठन इसका समर्थन कर रहे है। यह धरना-प्रदर्शन सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक होने की संभावना है। इससे रजिस्ट्री कराने वालों की परेशानी बढ़ सकती है। ट्रैफिक जाम से भी जूझना पड़ सकता है।