बम ब्लास्ट के बाद बढ़ी सुरक्षा, लाल किले के भीतर बनाया जा रहा आधुनिक सीसीटीवी कंट्रोल रूम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए बम धमाके के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है। इसके तहत लाल किला पुलिस चौकी का स्टाफ 17 से बढ़ाकर 34 कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए बल की संख्या बढ़ाना जरूरी था।
सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए लाल किला परिसर और आसपास के इलाकों में 120 नए हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से 100 कैमरे लाल किला, चांदनी चौक और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में लगाए गए हैं, जबकि 20 कैमरे पार्किंग के सभी प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर स्थापित किए गए हैं। पहले यहां 364 कैमरे थे, जो अब बढ़कर 484 हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि भविष्य में कैमरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
उत्तरी जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कैमरों से मिली फुटेज की लाइव निगरानी के लिए लाल किला परिसर के भीतर आधुनिक कंट्रोल रूम तैयार किया जा रहा है। नए कैमरों में एडवांस्ड वीडियो एनालिटिक्स और फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (एफआरटी) लगी है, जो अपराधियों के डेटाबेस से जुड़ी है। किसी भी संदिग्ध की पहचान होते ही सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करेगा, जिससे पुलिस समय रहते एक्शन ले सकेगी।
संदिग्ध और चोरी की गाड़ियों की तुरंत पहचान
उत्तरी जिला के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि पार्किंग कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे लावारिस या संदिग्ध वाहनों और गतिविधियों की तुरंत पहचान कर पुलिस को सूचना दे सकें। पार्किंग में लगाए गए कैमरों में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम (एएनपीआर) भी है, जिसकी मदद से चोरी या वांछित वाहनों का तुरंत पता लगाया जा सकेगा।
सुरक्षा प्रणाली में घुसपैठ की कोशिशें पहचानने और संदिग्ध वस्तुओं का पता लगाने वाली तकनीकें भी शामिल की गई हैं, जिससे पूरा इलाका हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील हो गया है।
डीसीपी ने बताया कि समय-समय पर सुरक्षा को परखने के लिए मॉक ड्रिल की जाएगी। अवैध कब्जे के खिलाफ भी कार्रवाई जारी हैं। अब तक ऐसे 150 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं किराएदार और नौकरों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराने पर 509 केस दर्ज किए गए हैं। अन्य एजेंसियों को भी सख्ती के निर्देश दिए गए हैं।