पिछले साल बारिश कम होने के चलते टमाटर समेत हरी सब्जियां आम आदमी की पहुंच से बाहर थीं तो इस वर्ष अच्छी बरसात ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। इसी के चलते पंद्रह से तीस रुपये तक बिकने वाले टमाटर के दाम सीधे 70 से 110 रुपये किलो तक पहुंच गया है।
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दूसरी ओर, सब्जियां भी थाली से कम होती जा रही हैं। आढतियों का कहना है कि हिमाचल में करीब एक महीने से हो रही लगातार बरसात के चलते टमाटर के दाम में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, आम की फसल कम होने के चलते मंडी में भी आम के दाम पिछले साल की तुलना में दोगुने हैं। टमाटर का महंगा होना सोशल मीडिया पर भी छा गया है।
आजादपुर सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा के मुताबिक, बरसात के मौसम में हर साल टमाटर और सब्जियों के दाम बढ़ते हैं। इस साल दाम में थोड़ी अधिक बढ़ोतरी हुई है। पहाड़ों में इस बार जून के महीने से ही बरसात जारी है। इसलिए सब्जियों के दाम अधिक हैं।
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40 फीसदी ही टमाटर की फसल लगाई गई
टमाटर के दामों में वृद्धि
- फोटो : ANI
राजेंद्र शर्मा का कहना है कि टमाटर के दाम बढ़ने का फायदा किसान को भी नहीं हो रहा है। इस समय उत्तर भारत के यूपी, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू कश्मीर समेत चंडीगढ़ की मंडियों में हिमाचल का टमाटर ही प्रयोग होता है।
हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस साल किसानों ने महज 40 फीसदी ही टमाटर की फसल लगाई है। जबकि अन्य में फूलों की खेती हो रही है। टमाटर लगाना आसान है, लेकिन बरसात शुरू होने के बाद उसे बीमारियों से बचाते हुए मंडियों तक पहुंचाना मुश्किल है।
बीमारी से बचाने के लिए जो स्प्रे होता है, उसकी कीमत दो हजार रुपये तक पड़ती है। ऐसे में किसानों को खर्चा निकालना भी मुश्किल है। यही कारण है कि बरसात और फसल कम होने के कारण टमाटर के दाम बढ़े हैं, लेकिन आसमां छूते दाम रिटेलर की देन है, किसान की नहीं। क्योंकि मंडी में टमाटर 40 से 80 रुपये प्रति किलो के आधार ही थोक में बिक रहे हैं। हालांकि बरसात नहीं रुकती है तो फिर थोक के दाम में ओर अधिक बढ़ोतरी हो सकती है।
टमाटर के दाम में पिछले 20 से 25 दिनों से लगातार तेजी या गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि देशी और हाईब्रीड टमाटर के दाम में भी अंतर है। देशी टमाटर 1300 रुपये का 24 या 25 किलो की ट्रे में बिक रहा है। जबकि 1900 की टे्र हाईब्रिड टमाटर की है। वहीं, पांच किलो की ट्रे साढ़े चार सौ रुपये किलो की भी है। - मोहम्मद अतीक , आढती, ओखला सब्जी मंडी।
पिछले एक महीने से दाम ऊपर-नीचे हो रहे
सब्जियों के दाम पिछले दस दिन से ऊपर-नीचे जा रहे हैं। हालांकि टमाटर और सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी थोक मार्केट नहीं, बल्कि रिटेलर की देन है। - सुभाष, आढ़ती, सब्जी, आजादपुर मंडी।
हिमाचल के बरसात के कारण दाम बढ़े
उत्तर भारत के सभी राज्य इस समय हिमाचल के टमाटर के भरोसे होते हैं। हालांकि बरसात के चलते इस साल फसल कम हुई है। हालांकि बरसात के मौसम में हर वर्ष दामों में बढ़ोतरी होती है। लेकिन अत्यधिक दाम रिटेलर की देन है। क्योंकि वे सस्ते में खरीदकर घरों के पास की दुकानों में दोगुने से लेकर तीन गुना बढ़ोतरी के साथ बेच रहे हैं।- अनिल मल्होत्रा, आढ़ती, टमाटर, आजादपुर मंडी।
नाम दस दिन पहले थोक मंडी साप्ताहिक मंडी रुपये
टमाटर 30-40 40-80 60-100
फूल गोभी 25-30 30-40 60-80
धनिया 160-170 200 रुपये 250-300
हरी मिर्च 70-90 100 150-170
घीया 20-30 12 20-40
मटर 70-80 80 80-150
आम 50 70-90 100