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सामने आ गई केजरीवाल सरकार के दो साल की रियल्टी चेक रिपोर्ट!

Sat, 04 Feb 2017 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केजरीवाल सरकार की प्राशसनिक एवं विकास निष्क्रियता के प्रमाण प्रस्तुत किए 
भाजपा ने केजरीवाल सरकार के दो साल की रियल्टी चैक रिपोर्ट जारी की


केजरीवाल सरकार की प्राशसनिक एवं विकास निष्क्रियता के प्रमाण प्रस्तुत किए


अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली, 3 फरवरी
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली प्रदेश भाजपा ने शुक्रवार को केजरीवाल सरकार के दो साल के कार्यकाल पर रियल्टी चैक रिपोर्ट जारी की। प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता व सांसद मीनाक्षी लेखी ने पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में केजरीवाल सरकार की प्रशासनिक एवं विकास निष्क्रियता के प्रमाण प्रस्तुत किए।
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इस मौके पर भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में विकास ठप है व प्रशासनिक अराजकता है, वहीं सरकार में भ्रष्टाचार अपनी चरम पर है। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि शीला सरकार के स्थापित दिल्ली जल बोर्ड टैंकर घोटाले की तीनों अभियुक्त कंपनियां आज भी बदस्तूर काम कर रही हैं और जनता के पैसे की लूट कर रही हैं। मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों के परिजनों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं।

मनोज तिवारी ने कहा कि आरटीआई के माध्यम से दिल्ली की वस्तुस्थिति पर जानकारियां प्राप्त की हैं। इसके अलावा दिल्ली के हर कौने में जनता के बीच जाकर वास्तुस्थिति का अध्ययन किया है जिसके आधार पर रियल्टी रिपोर्ट जारी की जा रही है।
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'सरकार ने एक भी चुनावी वायदा पूरा नहीं किया'

आप - फोटो : अमर उजाला
सरकार ने एक भी चुनावी वायदा पूरा नहीं किया, जबकि उसने चुनाव के दौरान लोगों को अनेक सब्जबाग दिखाए थे। वहीं करीब-करीब समस्त सुविधाओं की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है।

उधर, मीनाक्षी लेखी ने कहा कि जो मुख्यमंत्री अन्य राज्यों में जाकर नशाबंदी की बात करते है, जबकि दिल्ली में नित नये शराब परोसने के लाइसेंस जारी कर रहे है। वहीं विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि अनेक मुद्दों के साथ भ्रष्टाचार, राशन, सस्ता भोजन, महिला सुरक्षा, अनधिकृत कालोनियों का नियमितिकरण, झुग्गी बस्तियों का पुनर्वास आदि मसले दो वर्ष बाद भी सरकार के एजेंडे से बाहर हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व मंत्रियों ने लंबे प्रवासों पर सरकारी धन का दुरूपयोग किया है और विधानसभा को आम आदमी पार्टी के राजनीतिक प्रस्तावों को पास करने का मंच बना रखा है।
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