08 सिंतबर : स्कूल में प्रद्युम्न का गला रेतकर हत्या। पुलिस ने मुख्य आरोपी के तौर पर कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया
09 सितंबर : पुलिस की थ्योरी पर उठे सवाल, सीबीआई जांच की मांग शुरू। अशोक के परिजनों ने फंसाने का लगाया आरोप। एसआईटी गठित
10 सितंबर : स्कूल के बाहर अभिभावकों का हंगामा, ठेका जलाया, पुलिस ने किया लाठीचार्ज। देर शाम पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ किया मामला दर्ज। चाकू के थ्योरी पर ड्राइवर ने उठाए सवाल
11 सितंबर : स्कूल के दो शीर्ष अधिकारी गिरफ्तार। लाठीचार्ज करने पर सोहना थाने का एसएचओ सस्पेंड। पिता वरुण ठाकुर से मुख्यमंत्री मनोहर लाल व बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने की फोन पर बात
12 सितंबर : पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं मिला यौन उत्पीडन के सबूत। पुलिस की थ्योरी पर उठे सवाल। चश्मदीद सुभाष गर्ग आया सामने, कहा अशोक की गोद में जिंदा था प्रद्युम्न
13 सितंबर : नए सिरे से पुलिस ने जांच की शुरू। चश्मदीद माली हरपाल ने बताया अशोक को बेगुनाह
15 सितंबर : मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच व स्कूल प्रशासन को अधीन लेने का किया ऐलान
16 सितंबर : प्रशासक के तौर पर उपायुक्त ने संभाला स्कूल का जिम्मा। रिमांड खत्म होने के बाद स्कूल के शीर्ष अधिकारियों को भेजा गया जेल
18 सितंबर : सीबीआई जांच में देरी की वजह से प्रद्युम्न के पिता ने पीएमओ को लिखा पत्र। स्कूल खुला, सुरक्षा की खामियां दूर करने के लिए हुआ बंद
19 सितंबर : गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र।
22 सितंबर : प्रद्युम्न के पिता का सीबीआई जांच शुरू कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान। शाम को सीबीआई ने दर्ज किए एफआईआर
23 सितंबर : स्कूल पहुंचकर सीन री-क्रिएट किए और फॉरेंसिक की मदद से साक्ष्य जुटाए