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नोएडा के सेक्टर-10 स्थित एक ट्रक से मजदूर शीशे से भरी पेटी उतार रहे थे। तभी अचानक पेटी अनियंत्रित होकर गिरने से लगे झटके से सरिया मजदूर के पेट में घुस गया।
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सरिया पेट से आर-पार निकल गया। जबकि हादसे में दूसरा मजदूर भी घायल हो गया। दोनों को सेक्टर-27 स्थित कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत में मजदूर को दिल्ली के एम्स ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया है।

जानकारी के अनुसार डी-23, सेक्टर-2 स्थित कंपनी के लिए एक ट्रक शीशा मंगाया गया था। करीब तीन बजे शीशे की पेटियों से भरा ट्रक कंपनी पहुंचा। ट्रक को अनलोड करने के लिए एक ठेकेदार के माध्यम से मजदूरों को बुलाया गया।
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करीब आधा दर्जन मजदूर ट्रक से शीशे की पेटी उतारने के काम में लगे थे। राजू उर्फ वसीम निवासी सेक्टर-80, ककराला पेटी के नीचे सरिया लगाकर उसे नीचे अपनी ओर खींच रहा था।
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पेटी झटके से गिरी हो गया दर्दनाक हादसा

इस दौरान बुलंदशहर निवासी मुकेश (38) पुत्र देशराज पेटी पकड़ने में उसका साथ दे रहा था। नीचे आते समय अचानक पेटी झटके से गिरी जिससे सरिया राजू के पेट के आर पार हो गया। वहीं, मुकेश भी शीशे की पेटी की चपेट में आ गया। जिससे वह भी गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों को सेक्टर-27 स्थित कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में भर्ती राजू की हालत गंभीर देखते हुए दिल्ली स्थित एम्स ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। वहीं, मुकेश की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। उसके हाथ में फ्रैक्चर है और पैर चोटिल हैं।

थाना सेक्टर-20 पुलिस ने बताया कि अभी कंपनी या मजदूरों के परिजनों ने किसी के खिलाफ शिकायत नहीं दी है। घटना के बाद से मजदूरों का ठेकेदार मौके से नदारद हो गया है।

कंपनी की ओर से सस्ते में एक ठेकेदार को शीशे की पेटी उतारने का ठेका दे दिया था। वहीं, ठेकेदार ने अच्छा मुनाफा वसूली के चक्कर में बिना क्रेन का उपयोग किए मजदूरों की जान को दांव पर लगा दिया है। यदि शीशे की पेटी उतारने के लिए सामान ढोने वाली छोटी क्रेन का उपयोग किया गया होता तो इस हादसे से बचा जा सकता था।
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