गुड़गांव में ऑटो चालकों की मनमानी बंद करने के लिए पुलिस की तैयारी चल रही है।
पुलिस ऐसे मोबाइल एप्स पर काम कर रही है, जिसमें सवारी के साथ दुर्व्यवहार करने वाले ऑटो चालकों को ब्लैक लिस्टेड किया जा सके। पुलिस का दावा है कि देश में पहली बार गुड़गांव में ऐसा हाइटेक प्रयोग किया जाएगा।
बता दें कि शहर में ऑटो और टैक्सी में सफर करने वाले खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए रेटिंग सिस्टम शुरू किया जा रहा है। पुलिस की ऑटो वेरिफिकेशन योजना के साथ इसे जोड़ा जाएगा। इसके जरिए ऑटो अथवा टैक्सी में यात्रा के बाद यात्री फीडबैक दे सकेंगे। इस नए एप्स पर काम किया जा रहा है।
कैसे करेगा काम
एप्स की मदद से यात्रा के बाद सवारी निर्धारित नंबरों पर फीडबैक दे सकेंगे। उन्हें ऑटो अथवा टैक्सी के नंबरों का भी जिक्र करना होगा। उसी आधार पर पुलिस उन्हें रेटिंग देगी। एक ही गाड़ी के कई दफा खराब फीडबैक पर उस वाहन को नेगेटिव रेटिंग मिलेगी। इसके आधार पर पुलिस उस वाहन को ब्लैक लिस्टेड कर देगी।
25 हजार ऑटो रजिस्टर्ड
मोबाइल एप्स को बेहतर बनाने के लिए पुलिस ऑटो वेरिफिकेशन योजना को भी अपडेट कर रही है। इसमें अब तक 25 हजार से ज्यादा ऑटो का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, रजिस्ट्रेशन अथोरिटी के साथ मिलकर शहर की पंजीकृत टैक्सी को भी इसके अधीन लाया जा रहा है।
निजी स्तर पर है व्यवस्था
फिलहाल, ऑटो रेटिंग जैसी व्यवस्था शहर में ट्रेवल्स एजेंसियां निजी स्तर पर चला रही हैं। टैक्सी को बुक करने के बाद सवारियों से उनका फीडबैक लिया जाता है। लेकिन, ऑटो में ऐसी व्यवस्था नहीं है।
ये फायदे होंगे-
-महिलाओं और लड़कियों को ऑटो और टैक्सियों में सुरक्षित सफर मिलेगा।
-शहर में पंजीकृत और गैर पंजीकृत वाहनों के बारे में जानकारी मिलेगी।
-ऑटो चालकों की मनमानी खत्म होगी।